जल जीवन मिशन में लापरवाही पर सख्त हुए मंत्री योगेंद्र प्रसाद, संवेदकों और अधिकारियों की तय होगी जवाबदेही
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने हजारीबाग में चार जिलों की जल जीवन मिशन योजनाओं की समीक्षा की। काम में देरी और लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संवेदकों और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा तीन महीने बाद दोबारा समीक्षा करने का निर्देश दिया।
हजारीबाग: झारखंड में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजलापूर्ति योजनाओं की धीमी प्रगति और कार्यों में लापरवाही को लेकर पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को हजारीबाग समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने हजारीबाग, रामगढ़, चतरा और कोडरमा जिले की पेयजल योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। मंत्री ने स्पष्ट कहा कि आम लोगों की बुनियादी जरूरत से जुड़ी पेयजल योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में जल जीवन मिशन के तहत चल रही योजनाओं की प्रगति, लंबित कार्यों, सिंगल विलेज स्कीम (SVS), रॉ वाटर राइजिंग और क्लीन वाटर राइजिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट तथा पेयजलापूर्ति से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। इस दौरान कई योजनाओं में हो रही देरी और उनके सुचारू रूप से संचालित नहीं होने पर मंत्री ने नाराजगी जताई।
बंद योजनाओं के संवेदकों पर होगी कार्रवाई
मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने अधिकारियों और संवेदकों को पेयजलापूर्ति योजनाओं के काम में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं का काम बंद है या निर्धारित समय-सीमा के अनुसार प्रगति नहीं हुई है, उनके लिए संबंधित संवेदकों की जवाबदेही तय की जाएगी।
विभागीय सचिव अबु इमरान ने निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं करने और योजनाओं को बंद रखने वाले संवेदकों को नियमानुसार लीगल नोटिस जारी किया जाए। संविदा की शर्तों और लागू प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की नियमित जांच और पेयजलापूर्ति से जुड़ी सभी संरचनाओं का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
तीन महीने बाद फिर होगी योजनाओं की समीक्षा
अभियान निदेशक शशि रंजन ने विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र की लंबित योजनाओं की नियमित निगरानी करने और उन्हें तय समय-सीमा में पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन संवेदकों या अधिकारियों की लापरवाही के कारण योजनाएं लंबित हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने जिला प्रशासन को भी योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन और योजनाओं की अद्यतन प्रगति की समीक्षा तीन महीने बाद फिर से की जाएगी।
बैठक में अभियंता प्रमुख निरंजन कुमार, मुख्य अभियंता रेयाज आलम, कोडरमा के उप विकास आयुक्त, हजारीबाग के नगर आयुक्त, अपर समाहर्ता, जिला योजना पदाधिकारी, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता, मंत्री के ओएसडी सहित हजारीबाग, कोडरमा, रामगढ़ और चतरा जिले के वरीय पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी एवं संबंधित संवेदक उपस्थित रहे।
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