झाविमो ने भाजपा के अपराधी कृत्य के लिए चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की।

एक स्थानीय न्यूज़ चैनल के द्वारा चुनावी परिचर्चा का आयोजन किया गया था। जिसमें झारखंड विकास मोर्चा के रांची विधानसभा के प्रत्याशी सुनील कुमार गुप्ता ,अधिवक्ता जीतेन्द्र कुमार वर्मा एवं अन्य झाविमो के पदाधिकारी तथा कार्यकर्त्ता भाग लेने पहुंचे थे। उसी परिचर्चा में रांची के विधायक सी पी सिंह अन्य भाजपा समर्थकों के साथ भाग लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम शुरू होते ही भाजपा के समर्थक झाविमो प्रत्याशी सुनील कुमार गुप्ता के खिलाफ हूटिंग करने लगे।

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 झारखण्ड विकास मोर्चा के केंद्रीय सचिव संतोष कुमार ने भाजपा समर्थकों पर झाविमो प्रत्याशी सुनील कुमार गुप्ता पर जानलेवा हमला करने का आरोप लगाया है। चुनाव आयोग को लिखे पत्र में झाविमो के संतोष कुमार ने बताया है कि दिनांक 8 दिसंबर की शाम रांची स्थित न्यूक्लियस मॉल के समीप एक स्थानीय न्यूज़ चैनल के द्वारा चुनावी परिचर्चा का आयोजन किया गया था। जिसमें झारखंड विकास मोर्चा के रांची विधानसभा के प्रत्याशी सुनील कुमार गुप्ता ,अधिवक्ता जीतेन्द्र कुमार वर्मा एवं अन्य झाविमो के पदाधिकारी तथा कार्यकर्त्ता भाग लेने पहुंचे थे। उसी परिचर्चा में रांची के विधायक सी पी सिंह अन्य भाजपा समर्थकों के साथ भाग लेने पहुंचे थे। कार्यक्रम शुरू होते ही भाजपा के समर्थक झाविमो प्रत्याशी सुनील कुमार गुप्ता के खिलाफ हूटिंग करने लगे। झाविमो समर्थकों द्वारा इसका विरोध करने पर सी पी सिंह के साथ आये भाजपा कार्यकर्त्ता एवं अपराधी प्रवृति के लोगों ने झाविमो प्रत्याशी सुनील कुमार गुप्ता पर जानलेवा हमला करने का प्रयास किया। इसी दौरान अधिवक्ता जीतेन्द्र कुमार वर्मा ने बीच बचाव की कोशिश की। लेकिन उनपर भी जानलेवा हमला का प्रयास किया गया।उनके सर पर रॉड से प्रहार किया गया साथ ही लात घूंसों से भी वार किया गया जिसके उपरांत उनके सर और आँख पर गंभीर चोट लगी और बेहोश होकर गिर पड़े। इस घटना के बाद वहां पर भगदड़ मच गई। घायल जीतेन्द्र कुमार वर्मा को मोटर साइकिल पर बैठा कर आर्किड अस्पताल ले जाया गया। जहाँ वे इलाजरत हैं। जीतेन्द्र वर्मा के द्वारा लालपुर ठाणे में FIR दर्ज करने हेतु आवेदन दे दिया गया है। झाविमो ने इस प्रकार की आपराधिक घटना को रोकने के लिए चुनाव आयोग से त्वरित कार्रवाई की मांग की है। साथ ही स्थानीय विधायक सी पी सिंह एवं भाजपा पर भी त्वरित कार्रवाई की मांग की है। झाविमो के पत्र के मुताबिक यह चुनाव प्रक्रिया के दरम्यान आचार संहिता के उल्लंघन का भी मामला बनता है। अब सबसे दिलचस्प बात तो यह होगी की चुनाव आयोग कहाँ तक इस मामले पर कार्रवाई करती है। क्यूंकि सत्ता की बागडोर भाजपा के हाथ में है। झाविमो को यह समझना होगा कि यहाँ भाजपा का शासन है और जहाँ कहीं भी भाजपा सत्ता में है वहां तो उनकी ही मर्जी चलती है । आप शहंशाह के नुमाइंदे से परिचर्चा कैसे कर सकते हैं ? आपको भी शहंशाह की जय बोलना होगा। यही भाजपा नीति है।

आपको एक कहावत नहीं पता है : जब सैंयाँ भए कोतवाल, तो डर काहे का। वे तो किसी का सिर फोड़ सकते हैं ,किसी के साथ कुछ भी कर सकते हैं। कौन बिगाड़ लेगा? वैसे अभी तक भाजपा समर्थित घटनाओं में किसी का कुछ बिगड़ा है क्या ?हाँ बस इतना ध्यान रखिए की मौजूदा सरकार और प्रशासन तो भाजपा की है लेकिन भाजपा की ऐसी ही नीति के कारण ,जनता ( सरकार और प्रशासन का मुख्य मालिक ) जल्द ही सब कुछ छीनकर इन्हें सबक सिखाएगी। क्यूंकि घड़ा जब भर जाता है तो वह आख़िरकार फूट जाता है ,जो किसी काम का नहीं रहता। मौजूदा राजनितिक परिदृश्य इसका ज्वलंत उदाहरण है। इसलिए यह कहना अतिश्योक्ति नहीं होगी की अन्य मामलों की तरह यह भी ठन्डे बास्ते में रख दिया जायेगा। लेकिन जनता जनार्दन अपना फैसला जरूर सुनाएगी। इंतजार कीजिये। 

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