संगम ने समाजसेवी डोमन साहू की सातवीं पुण्यतिथि पर याद किया
डोमन साहू का संपूर्ण जीवन जन सेवा से जुड़ा रहा था - विजय केसरी
समाजसेवी डोमन साहू की सातवीं पुण्यतिथि पर सागर भक्ति संगम के तत्वाधान में स्थानीय स्वर्ण जयंती पार्क में एक सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ गणेश और गुरु वंदना से हुआ। संगम के सदस्यों ने डोमन साहू की तस्वीर पर फूल माला अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर विजय केसरी ने कहा कि डोमन साहू का संपूर्ण जीवन जन सेवा से जुड़ा रहा था। वे एक ईमानदार व्यवसायी थे। वे सदैव सत्य की राह पर चले थे। वे एक निर्मल मन के व्यक्ति थे। वे सदा दूसरों की मदद किया करते थे।
शिक्षाविद के.सी.मेहरोत्रा ने कहा कि डोमन साहू जैसे सहज सरल व्यक्ति से जीवन जीने की कला सीखनी चाहिए। वे व्यवसाय के साथ समाज सेवा से भी जुड़े रहे थे।
समाजसेवी सह व्यवसायी सतीश होर्रा ने कहा कि डोमन साहू जी सत्ययुग के व्यक्ति के समान थे। उनको मैंने कभी भी किसी बात के लिए नाराज नहीं देखा। वे एक धार्मिक व्यक्ति थे। उन्होंने पंच मंदिर में दुर्गा पूजा का शुभारंभ कर मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की थी।
शिक्षाविद ब्रजनंदन प्रसाद ने कहा कि डोमन साहू सदा कमजोर लोगों की मदद किया करते थे। वे समाज सेवा मान से करते थे। इसके साथ ही वे सदैव दिखावा से दूर रहते थे। उनका जीवन बहुत ही सहज और सरल था।
समाजसेवी सह व्यवसायी संजय खत्री ने कहा कि आज की बदली परिस्थिति में जहां अधिकांश लोग खुद के परिवार में ही सिमटते चले जा रहे हैं। वहीं डोमन साहू अपने परिवार की चिंता के साथ अगल-बगल के परिवार की भी चिंता किया करते थे। वे सदैव भलाई का कार्य किया करते थे। उनका यह स्वभाव जीवन के अंतिम क्षणों तक बना रहा था।
आयोजित कार्यक्रम में सुरेंद्र गुप्ता पप्पू , मनोज गुप्ता, अजीत गुप्ता, अखिलेश सिंह, कृष्ण मुरारी गुप्ता, राणा राहुल प्रताप, बीना अखौरी, उषा सहाय, गोपी कृष्ण सहाय, इंद्र सोनी, अजीत विश्वकर्मा, शंभू शरण सिन्हा, अशोक राणा, मिथुन राणा,महावीर ठाकुर, सुरेश मिस्त्री आदि सम्मिलित हुए।