मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में गया के सर्जन Dr. J P SINGH को दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में गया के सर्जन Dr. J P SINGH को दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

मुंबई में राष्ट्रीय सम्मेलन में गया के सर्जन Dr. J P SINGH को दोहरी फेलोशिप से सम्मानित

गया जी। गयाजी शहर के सुप्रसिद्ध लेजर, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन Dr J P SINGH  को मुंबई में आयोजित  IAGES – ELSA - 2026 के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मेलन में “FAGIE - ERCP” तथा “FAGIE – Colonoscopy” की दोहरी फेलोशिप प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान देशभर के चयनित सर्जनों को कठोर प्रशिक्षण, तकनीकी मूल्यांकन और उच्चस्तरीय परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने के बाद दिया जाता है। Dr J P Singh
 को यह सम्मान उन्नत गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल एंडोस्कोपी के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन, तकनीकी दक्षता और निरंतर चिकित्सा सेवा के लिए प्रदान किया गया। सम्मेलन में देश के वरिष्ठ एंडो-सर्जनों की उपस्थिति में उन्हें यह सम्मान प्रदान किया गया, जो किसी भी सर्जन के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
उल्लेखनीय है कि Dr J P SINGH  अपने अस्पताल प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल, मोहन नगर, गया में पहले से ही नियमित रूप से UGIE, Colonoscopy एवं ERCP जैसी उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रियाएं सफलतापूर्वक कर रहे हैं। इस दोहरी फेलोशिप के साथ अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर औपचारिक मान्यता भी प्राप्त हो गई है।
चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े जानकारों के अनुसार, अब तक बिहार में कोई भी  सर्जन नियमित रूप से ERCP प्रक्रिया नहीं कर rahe  है। इस संदर्भ में Dr J P Singh को बिहार के पहले सर्जन के रूप में देखा जा रहा है, जो यह उन्नत एंडोस्कोपिक प्रक्रिया सफलतापूर्वक कर रहे हैं। यह उपलब्धि राज्य के चिकित्सा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है, क्योंकि इससे पित्त नली और अग्न्याशय से संबंधित जटिल रोगों के उपचार के लिए मरीजों को अन्य महानगरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
डॉ. सिंह ने बताया कि आधुनिक एंडोस्कोपिक तकनीकों के माध्यम से पित्त नली, अग्न्याशय, पेट और बड़ी आंत से संबंधित कई गंभीर बीमारियों का इलाज बिना बड़े ऑपरेशन के संभव है, जिससे मरीजों को कम दर्द, कम खर्च और शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
उन्होंने अपनी इस उपलब्धि को गया जिले के मरीजों, सहयोगी चिकित्सकों और समाज के सभी वर्गों को समर्पित करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य गया को उन्नत एंडोस्कोपी एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जरी का प्रमुख केंद्र बनाना है, ताकि बिहार के मरीजों को उच्चस्तरीय उपचार अपने ही राज्य में उपलब्ध हो सके।
इस उपलब्धि पर शहर के चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों ने डॉ. सिंह को बधाई देते हुए इसे गया और बिहार के लिए गर्व का क्षण बताया है।