राज्य सूचना आयोग को मिले चार नए आयुक्त, राज्यपाल ने नियुक्ति को दी स्वीकृति
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 25 मार्च को चार नामों की अनुशंसा की थी। समिति ने वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा के साथ तनुज खत्री, शिव पूजन पाठक और अमूल्य नीरज खलखो के नाम राजभवन को भेजे थे।
रांची : सूचना आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया आखिरकार पूरी हो गई है। झारखंड में चार नए सूचना आयुक्तों की नियुक्ति पर राज्यपाल ने अपनी मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही राज्य सूचना आयोग में खाली पड़े पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है। नवनियुक्त सूचना आयुक्तों में वरिष्ठ पत्रकार अनुज सिन्हा, तनुज खत्री, अमूल्य नीरज खलखो और शिव पूजन पाठक शामिल हैं। इन नियुक्तियों को लेकर पिछले कई महीनों से चर्चा चल रही थी।सूचना आयुक्तों के कई पद लंबे समय से खाली पड़े थे, जिससे सूचना के अधिकार से जुड़े मामलों के निपटारे पर भी असर पड़ रहा था। अब चार नए आयुक्तों की नियुक्ति के बाद आयोग के कामकाज में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है। सरकारी सूत्रों का मानना है कि इन नियुक्तियों से लंबित मामलों के निष्पादन में मदद मिलेगी और आम लोगों को सूचना का अधिकार कानून के तहत राहत मिलेगी।
चयन समिति ने भेजी थी चार नामों की सूची
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता वाली चयन समिति ने 25 मार्च को चार नामों की अनुशंसा की थी। समिति ने वरिष्ठ पत्रकार अनुज कुमार सिन्हा के साथ तनुज खत्री, शिव पूजन पाठक और अमूल्य नीरज खलखो के नाम राजभवन को भेजे थे। चयन समिति की सिफारिश के बाद फाइल मंजूरी के लिए राजभवन भेजी गई थी, जहां इन नामों पर विस्तार से विचार किया गया।नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान राजभवन ने कुछ नामों को लेकर सवाल भी उठाए थे। विशेष रूप से उन उम्मीदवारों को लेकर आपत्ति जताई गई थी, जिनके सक्रिय राजनीतिक दलों से जुड़े होने की चर्चा थी। राजभवन ने मुख्य सचिव को फाइल वापस भेजते हुए इन नामों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा था। इसके बाद सरकार की ओर से आवश्यक जानकारी और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया गया।
सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद मिली हरी झंडी
सरकार और राजभवन के बीच पत्राचार और आवश्यक औपचारिकताओं के पूरा होने के बाद आखिरकार चारों नामों को मंजूरी दे दी गई। राज्यपाल की स्वीकृति मिलते ही नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो गई। अब जल्द ही नवनियुक्त सूचना आयुक्त अपने पद का कार्यभार संभाल सकते हैं।
सूचना आयोग के कामकाज को मिलेगी रफ्तार
सूचना आयुक्तों की नियुक्ति को प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आयोग में आयुक्तों की संख्या बढ़ने से आरटीआई से जुड़े लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी। साथ ही सूचना के अधिकार कानून के तहत जानकारी मांगने वाले नागरिकों को भी समय पर न्याय और सूचना मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय बाद हुई इन नियुक्तियों को राज्य के प्रशासनिक तंत्र के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।
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