सप्ताह में केवल 2 घंटे इस काम को करने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम, जानिए विशेषज्ञों की राय

Jul 9, 2026 - 19:29
सप्ताह में केवल 2 घंटे इस काम को करने से हार्ट अटैक का खतरा हो सकता है कम, जानिए विशेषज्ञों की राय

HEALTH DESK : दिल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. एक्सपर्ट्स का मानना ​​है कि इसकी मुख्य वजहें जीवनशैली में बदलाव, खान-पान की आदतें, शारीरिक गतिविधि की कमी और हार्मोनल बदलाव हैं. हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि कुछ सावधानियां बरतकर और कुछ आसान से व्यायाम करके इस जोखिम को कम किया जा सकता है.

आजकल हार्ट अटैक एक गंभीर समस्या बन गई है, जो युवाओं और बुजुर्गों, दोनों को प्रभावित कर रही है. महिलाओं में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं. हालांकि, हाल ही में हुई एक स्टडी में यह पता चला है कि महिलाओं के दिल की सेहत के लिए किस तरह की एक्सरसाइज फायदेमंद होती है. 

हालिया रिसर्च से पता चलता है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग महिलाओं के दिल की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है. येल स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. हारलन एम. क्रुमहोल्ज से इस रिसर्च के बारे में विस्तार से जानिए...

स्टडी क्या कहती है?

रिसर्च से पता चलता है कि जो महिलाएं हफ्ते में कम से कम दो घंटे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती हैं, उनमें दिल की बीमारी का खतरा उन महिलाओं के मुकाबले 20 प्रतिशत कम होता है जो बिल्कुल भी एक्सरसाइज नहीं करतीं. खासकर, हार्ट अटैक का खतरा काफी कम हो जाता है. जो महिलाएं सिर्फ पैदल चलने या साइकलिंग करने के बजाय, हफ्ते में दो घंटे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के साथ 150 मिनट कार्डियो भी करती हैं, उनमें हार्ट अटैक का खतरा 45 प्रतिशत तक कम हो जाता है. इस शोध में वैज्ञानिकों ने पाया है कि जो महिलाएं एक्सरसाइज करती हैं और टीवी देखने में बिताया जाने वाला समय कम करती हैं, उनका दिल ज्यादा सेहतमंद रहता है.

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग दिल को असल में कैसे फायदा पहुंचाती है?

  • यह न सिर्फ मसल्स को मजबूत करती है बल्कि दिल की बीमारी के मुख्य कारणों से भी लड़ती है।
  • यह शरीर की इंसुलिन सेंसिटिविटी को बेहतर बनाती है, जिससे डायबिटीज को रोकने में मदद मिलती है।
  • यह वजन मैनेजमेंट और शरीर के एक्स्ट्रा फैट को बर्न करने में मदद करती है।
  • यह हेल्दी ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखने में मदद करती है।

हालांकि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हार्ट अटैक के खतरे को काफी कम करती है, लेकिन साइंटिस्ट्स ने पाया है कि स्ट्रोक के खतरे पर इसका असर बहुत कम है. इस क्षेत्र में और रिसर्च की जरूरत है.

स्ट्रेंथ ट्रेनिंग किस उम्र में शुरू की जा सकती है?

कई महिलाओं का मानना ​​है कि उम्र बढ़ने के साथ उन्हें वजन नहीं उठाना चाहिए. हालांकि, उम्र के साथ हड्डियों का घनत्व कम हो जाता है. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग हड्डियों को मजबूत बनाती है और जोड़ों के दर्द से राहत देती है. इसलिए, 40 या 50 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं भी एक्सपर्ट की देखरेख में इसे शुरू कर सकती हैं.

महिलाओं के लिए जरूरी टिप्स

स्क्वैट्स, लंजेस और पुश-अप्स स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक्सरसाइज हैं जिन्हें घर पर किया जा सकता है, इन्हें बॉडीवेट एक्सरसाइज भी कहा जाता है. इसके अलावा, इन एक्सरसाइज को रेजिस्टेंस बैंड का इस्तेमाल करके भी किया जा सकता है, जो बाजार में आसानी से मिल जाते हैं. इनका इस्तेमाल हाथों और पैरों की मांसपेशियों की कसरत के लिए किया जा सकता है. आप 1 या 2 किलोग्राम के डंबल्स का इस्तेमाल करके बाइसेप कर्ल्स और शोल्डर प्रेसेज भी कर सकती हैं.

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