Vat Savitri Vrat 2026 : वट सावित्री व्रत कल, यहां जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा इसलिए इस दौरान पूजा करने से बचने की सलाह दी जाती है। व्रत के दिन महिलाएं वट वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं।

May 15, 2026 - 18:59
Vat Savitri Vrat 2026 : वट सावित्री व्रत कल, यहां जानिए शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व

Vat Savitri Vrat 2026 : वट सावित्री व्रत हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण व्रत माना जाता है। यह व्रत पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और अखंड सौभाग्य की कामना के लिए रखा जाता है। धार्मिक कथा के अनुसार माता सावित्री ने अपने तप और अटूट निष्ठा के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस प्राप्त किए थे। तभी से यह व्रत प्रेम, समर्पण और अटूट विश्वास का प्रतीक माना जाता है।

साल 2026 में वट सावित्री व्रत 16 मई शनिवार को मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं वट वृक्ष यानी बरगद के पेड़ की पूजा करेंगी और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करेंगी। पूजा के लिए सुबह 07:12 बजे से 08:24 बजे तक का समय शुभ माना गया है। वहीं, अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि शुभ मुहूर्त में पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

हालांकि सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहुकाल रहेगा इसलिए इस दौरान पूजा करने से बचने की सलाह दी जाती है। व्रत के दिन महिलाएं वट वृक्ष के चारों ओर धागा बांधकर परिक्रमा करती हैं और सावित्री-सत्यवान की कथा सुनती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वट वृक्ष में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना गया है। यही वजह है कि इस वृक्ष की पूजा को विशेष महत्व दिया जाता है। कई महिलाएं इस दिन निर्जला व्रत रखकर पति के उत्तम स्वास्थ्य और लंबी उम्र की कामना भी करती हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0