पंचतत्व में विलीन हुए प्रतीक यादव, ससुर ने दी मुखाग्नि, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने चिता पर रखी लकड़ी, दोनों बेटियां रहीं मौजूद
शिवपाल के बेटे आदित्य ने शव को कंधा दिया। प्रतीक यादव पशु प्रेमी थे लिहाजा शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई।
NEWS DESK : समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव पंचतत्व में विलीन हो गए। लखनऊ में पत्नी अपर्णा के पिता यानी प्रतीक के ससुर अरविंद सिंह बिष्ट ने चिता को मुखाग्नि दी। अखिलेश ने भाई की चिता पर लकड़ी रखी और अंतिम प्रणाम किया। प्रतीक की दोनों बेटियां भी श्मशान घाट पर मौजूद थीं। दोनों ने भी पिता की चिता पर लकड़ी रखी।
पंचतत्व में विलीन हुए प्रतीक यादव
इससे पहले प्रतीक की अंतिम यात्रा निकाली गई। शिवपाल के बेटे आदित्य ने शव को कंधा दिया। प्रतीक यादव पशु प्रेमी थे लिहाजा शव वाहन पर उनकी डॉग्स और बंदर के साथ वाली तस्वीर लगाई गई।
गौरतलब है कि प्रतीक यादव का बुधवार सुबह 6 बजे 38 साल की उम्र में निधन हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह कार्डिएक अरेस्ट बताई गई। उनके शरीर पर 6 चोटें पाई गईं, जो मौत से पहले लगी थीं। इनमें 3 चोटें 7 दिन पुरानी और 3 चोटें एक दिन पुरानी थीं। उनका विसरा सुरक्षित रखा गया है।
प्रतीक, मुलायम सिंह यादव की दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। पत्नी अपर्णा भाजपा नेता हैं। इस वक्त राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, प्रतीक फेफड़ों की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है।
प्रतीक यादव को 13 दिन में दो बार दिल का दौरा (हार्ट अटैक) पड़ा था। इससे पहले 30 अप्रैल को लखनऊ एयरपोर्ट पर चलते-चलते गिर पड़े थे। तब मेदांता हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने बताया था कि प्रतीक को दिल का दौरा पड़ा है।
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