JHARKHAND BIG NEWS : रेलवे ने झारखंड वासियों को दी बड़ी सौगात, गढ़वा से जुड़ेगा छत्तीसगढ़, 9000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी
Garhwa : रेल मंत्रालय ने झारखंड को बड़ी सौगात दी है। गढ़वा जिले से छत्तीसगढ़ के बलरामपुर तक 261 किलोमीटर लंबी नई रेलवे लाइन बिछाने को मंजूरी दे दी है. इस पर गजट अधिसूचना भी जारी कर दी गई है. इस परियोजना से झारखंड और छत्तीसगढ़ रेलवे नेटवर्क से जुड़ जाएंगे तथा दोनों राज्यों के बीच यातायात सुगम हो जाएगा.
अंबिकापुर में जुड़ेगी रेलवे लाइन
रामानुजगंज से दो रेलवे लाइनें निकल रही हैं. पहली लाइन बढ़गढ़, भंडरिया होकर बरवाडीह जाएगी. दूसरी लाइन गढ़वा से रंका, फिर रंका से गोदरमाना होते हुए छत्तीसगढ़ के रामानुजगंज में जंक्शन बनेगी. इसके बाद बलरामपुर जिले से मेन लाइन अंबिकापुर में जाकर इस रेलवे लाइन से जुड़ जाएगी.
परियोजना से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल
रेलवे की इस बड़ी योजना की घोषणा से स्थानीय लोगों में उत्साह और खुशी है. यह परियोजना क्षेत्र के विकास को नई गति देने वाली मानी जा रही है. जहां एक ओर खुशी है, वहीं गढ़वा जिले के भंडरिया और बढ़गढ़ प्रखंडों की लगभग 70 हजार आबादी मायूस है. स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्रिटिश काल में 1930-40 के दशक में बरवाडीह-चिरमिरी रेल लाइन का काम अंतिम चरण में था. भंडरिया और बढ़गढ़ क्षेत्र में कई जगह रेलवे स्टेशन, पुल-पुलिया तैयार हो चुकी थीं और रेल लाइन बिछाने का काम चल रहा था.
स्वतंत्रता के बाद अधूरी रह गई पुरानी योजना
1947 में देश के आजाद होने के बाद यह योजना अधर में लटक गई और आज तक पूरी नहीं हो सकी. पुरानी योजना लातेहार के बरवाडीह से होकर पलामू, गढ़वा के बढ़गढ़, भंडरिया होते हुए छत्तीसगढ़ के चिरमिरी तक जाने की थी. इस दौरान कई लोगों की जमीन अधिग्रहित भी की गई थी.
वर्तमान में झारखंड और छत्तीसगढ़ के बीच केवल सड़क मार्ग से जुड़ाव है. गढ़वा से छत्तीसगढ़ जाने वाले हजारों यात्री प्रतिदिन अधिक किराया देकर यात्रा करते हैं. स्थानीय लोगों की मांग है कि नई रेलवे परियोजना बने लेकिन इसमें भंडरिया और बढ़गढ़ को भी शामिल किया जाए, अन्यथा क्षेत्र आगे भी पिछड़ा रह जाएगा.
पलामू सांसद बीडी राम ने कहा कि रामानुजगंज से दो लाइनें निकल रही हैं. एक रंका होकर गढ़वा जंक्शन में मिलेगी, जबकि दूसरी भंडरिया, बढ़गढ़ होकर बरवाडीह तक जाएगी. बढ़गढ़ और भंडरिया के लोगों की मांग है कि पुरानी अधूरी लाइन को ही जोड़ा जाए क्योंकि नई परियोजना में दूरी अधिक है.
उन्होंने बताया कि पुरानी लाइन पर ट्रेन की अधिकतम रफ्तार 80 किलोमीटर प्रति घंटा रहेगी, जबकि नई लाइन पर ट्रेन की स्पीड ज्यादा होगी. सांसद ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग को रेलवे मंत्री के समक्ष रखा जाएगा. यदि इसमें कोई छोटी रेलवे लाइन जोड़ दी गई तो लोगों की मांग पूरी हो सकेगी.
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