कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी? नोट कर लें तारीख, जानिए शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय समय
पंचांग के मुताबिक, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे शुरू होगी और 6 मई को सुबह 7:51 बजे समाप्त होगी।
NEWS DESK : हिंदू पंचांग के अनुसार मई 2026 में पड़ने वाली एकदंत संकष्टी चतुर्थी का विशेष महत्व है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है और इस बार यह मंगलवार को पड़ रहा है, जिससे इसे अंगारकी संकष्टी चतुर्थी का दर्जा मिलता है।
कब है एकदंत संकष्टी चतुर्थी?
पंचांग के मुताबिक, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 मई 2026 को सुबह 5:24 बजे शुरू होगी और 6 मई को सुबह 7:51 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि और चंद्रोदय के आधार पर व्रत 5 मई को रखा जाएगा। मंगलवार को पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को अंगारकी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किया गया व्रत कई गुना अधिक फलदायी होता है और जीवन के संकटों को दूर करने वाला माना जाता है।
बन रहे हैं शुभ योग
इस दिन शिव योग और सिद्ध योग का विशेष संयोग बन रहा है। शिव योग देर रात तक रहेगा, जो जप-तप के लिए अनुकूल माना जाता है, जबकि इसके बाद शुरू होने वाला सिद्ध योग कार्य सिद्धि के लिए शुभ रहेगा। साथ ही ज्येष्ठा और मूल नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा।
पूजा और व्रत का मुहूर्त
- व्रत का संकल्प ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 04:12 से 04:55 बजे) में लिया जा सकता है।
- गणेश पूजा का शुभ समय सुबह 08:58 बजे से दोपहर 01:58 बजे तक रहेगा।
- इस दौरान लाभ और अमृत मुहूर्त भी बन रहे हैं, जो पूजा के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं।
चंद्रोदय का समय
संकष्टी चतुर्थी के व्रत में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व होता है। 5 मई को चंद्रोदय रात 10:35 बजे होगा। चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत पूर्ण माना जाएगा।
व्रत का धार्मिक महत्व
इस दिन भगवान गणेश के एकदंत स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं, सुख-समृद्धि बढ़ती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
डिस्क्लेमर : यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और पंचांग पर आधारित है। इसका वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
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