पूर्व बस ड्राइवर के घर 28 करोड़ कैश और 15 किलो मिला सोना, नोट गिनते-गिनते 5 मशीनें हुईं खराब, आरोपी गिरफ्तार
NEWS DESK : पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में पुलिस ने एक छापेमारी में ₹28.5 करोड़ से ज्यादा कैश और 15 किलो सोना बरामद किया। सोने की कीमत करीब ₹21.5 करोड़ आंकी गई है। इस तरह कुल बरामदगी करीब ₹50 करोड़ की है। नोटों का ढेर इतना बड़ा था कि उन्हें गिनते-गिनते 5 करेंसी काउंटिंग मशीनें खराब हो गईं।
पुलिस ने आरोपी मिनार मंडल को गिरफ्तार किया है। वह पहले राज्य परिवहन विभाग में बस ड्राइवर था और बाद में स्टोन कारोबार से जुड़ गया। आरोपी फरार पत्थर कारोबारी तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन का मैनेजर और साला है। तुलु मंडल वही शख्स है, जिसने 2024 में अपनी बेटी की करीब ₹100 करोड़ की आलीशान शादी कराई थी।
तुलु मंडल को पूर्व TMC नेता अनुब्रत मंडल का करीबी माना जाता है। अनुब्रत जून में TMC के बागी ऋतब्रत बनर्जी गुट में शामिल हो गए थे। बंगाल के मुंख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा है कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सराहनीय काम किया है। उन्होंने छापेमारी की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर कीं।
पहले ₹20 करोड़ कैश मिला, फिर रकम बढ़कर ₹28 करोड़ हुई
पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बुधवार रात मिनार मंडल के घर पर छापेमारी शुरू की थी। पहले ₹20 करोड़ कैश मिला था। पूरी रात चली गिनती के बाद बरामद रकम बढ़कर ₹28.5 करोड़ हो गई। कैश को लोहे के बक्सों में भरकर मोहम्मद बाजार थाने ले जाया गया, जहां से इसे बैंक में जमा कराया जाएगा।
पुलिस ने घर से 1-1 किलो के 14 गोल्ड बार और 100-100 ग्राम के 10 गोल्ड बिस्किट भी बरामद किए। इनकी कुल कीमत करीब ₹21.5 करोड़ बताई गई है। गिरफ्तारी के बाद मिनार मंडल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि कैश और सोना तुलु मंडल का है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि करोड़ों रुपए की नकदी और सोना कहां से आया और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
टैक्स वसूली में करोड़ों की गड़बड़ी का आरोप
पुलिस को शक है कि बरामद नकदी पत्थर खदानों से वसूले गए सरकारी राजस्व का हिस्सा है, जिसे सरकारी खजाने में जमा कराने के बजाय हड़प लिया गया। 2016-17 के आसपास तुलु मंडल ने बीरभूम की स्टोन क्वारियों में DCR (District Collection Rate) वसूली का काम संभाला था।
आरोप है कि सरकारी टैक्स की वसूली में करोड़ों रुपए की गड़बड़ी हुई। BJP का दावा है कि पहले सरकार के खाते में रोज सिर्फ ₹20-30 लाख जमा होते थे। अब ₹83 करोड़ प्रति महीने मिलते हैं।
तुलु मंडल पहले भी जांच एजेंसियों के रडार पर रह चुका है। 2022 में कैटल स्मगलिंग केस में CBI ने उसके ठिकानों पर छापेमारी की थी। इसके बाद ED ने भी उसे पूछताछ के लिए दिल्ली तलब किया था। हालांकि, इन आरोपों पर अब तक कोई अंतिम न्यायिक फैसला नहीं आया है।
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