सीएम हेमंत सोरेन पर टिप्पणी को लेकर योगेंद्र साव को कांग्रेस का कारण बताओ नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि पार्टी संविधान के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

Sep 21, 2026 - 11:04
सीएम हेमंत सोरेन पर टिप्पणी को लेकर योगेंद्र साव को कांग्रेस का कारण बताओ नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

रांची: झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने पूर्व मंत्री और कांग्रेस नेता योगेंद्र साव को पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। समिति के अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव की ओर से जारी नोटिस में साव से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण देने के साथ ही व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह बताने को कहा गया है कि पार्टी संविधान के तहत उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।

मीडिया में दिए बयान को लेकर नाराजगी

कांग्रेस की ओर से कहा गया है कि हाल में योगेंद्र साव द्वारा मीडिया के माध्यम से दिए गए बयानों को पार्टी नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। समिति के मुताबिक, इन बयानों को पार्टी के सिद्धांतों और नेतृत्व के निर्देशों के विपरीत माना गया है। हालिया विवाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लेकर साव की सार्वजनिक टिप्पणी से जुड़ा बताया गया है।

अनुशासन समिति ने अपने नोटिस में कहा है कि सार्वजनिक मंचों या मीडिया के माध्यम से पार्टी की घोषित नीति, सिद्धांत अथवा नेतृत्व के निर्देशों से अलग बयान देना संगठनात्मक अनुशासन का विषय बन सकता है। समिति ने साव से इसी मामले में उनका पक्ष स्पष्ट करने को कहा है।

पहले भी हो चुके हैं पार्टी से निष्कासित

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा के अनुसार, योगेंद्र साव को इससे पहले भी पार्टी अनुशासन के उल्लंघन के मामले में कांग्रेस से निष्कासित किया गया था। बाद में पार्टी नेतृत्व ने उनके लंबे संगठनात्मक योगदान को देखते हुए निष्कासन का फैसला निरस्त कर दिया था।

अनुशासन समिति ने कहा है कि पार्टी में विचार रखने की स्वतंत्रता के साथ संगठनात्मक अनुशासन भी महत्वपूर्ण है। अब योगेंद्र साव के जवाब के बाद मामले में आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

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