देश के करीब 250 जिलों में 25% से ज्यादा युवा रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण से बाहर, युवा महिलाओं की स्थिति और गंभीर
2025 के जिला स्तर के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के आंकड़ों ने देश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और कौशल प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखी है। सर्वेक्षण के मुताबिक देश के करीब 250 जिलों में 15 से 29 वर्ष की उम्र के 25 फीसदी से अधिक युवा ऐसे हैं, जो न तो रोजगार में हैं, न ही शिक्षा हासिल कर रहे हैं और न किसी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
2025 के जिला स्तर के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के आंकड़ों ने देश में युवाओं की शिक्षा, रोजगार और कौशल प्रशिक्षण को लेकर महत्वपूर्ण तस्वीर सामने रखी है। सर्वेक्षण के मुताबिक देश के करीब 250 जिलों में 15 से 29 वर्ष की उम्र के 25 फीसदी से अधिक युवा ऐसे हैं, जो न तो रोजगार में हैं, न ही शिक्षा हासिल कर रहे हैं और न किसी तरह का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
इस श्रेणी को आम तौर पर NEET (Not in Employment, Education or Training) कहा जाता है। यानी ऐसे युवा जो नौकरी या स्वरोजगार से जुड़े नहीं हैं और साथ ही पढ़ाई या किसी व्यावसायिक प्रशिक्षण का हिस्सा भी नहीं हैं।
सर्वेक्षण के आंकड़ों में युवा महिलाओं की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक नजर आती है। कई जिलों में रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण से बाहर रहने वाली युवा महिलाओं का अनुपात अधिक है। इससे युवतियों की शिक्षा और रोजगार तक पहुंच, कौशल विकास के अवसरों तथा सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों से जुड़ी चुनौतियां सामने आती हैं।
जिला स्तर पर सामने आए ये आंकड़े यह भी बताते हैं कि युवाओं की स्थिति पूरे देश में एक जैसी नहीं है। अलग-अलग जिलों में रोजगार के अवसर, शिक्षा की उपलब्धता, कौशल प्रशिक्षण की सुविधाएं और महिलाओं की श्रम भागीदारी जैसे कारक अलग-अलग तस्वीर पेश करते हैं।
युवाओं का रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण से बाहर रहना केवल वर्तमान रोजगार स्थिति से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि इसका असर उनके भविष्य के कौशल, आय और आर्थिक भागीदारी पर भी पड़ सकता है। ऐसे में जिला स्तर पर युवाओं, खासकर युवा महिलाओं के लिए शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसरों की उपलब्धता महत्वपूर्ण मुद्दा बनकर सामने आती है।
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