जमाबंदी में गलती या मृत पूर्वज के नाम है जमीन? 31 अक्टूबर तक सुधार और उत्तराधिकार नामांतरण का मौका
15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जमाबंदी शुद्धिकरण एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान चल रहा है। इस दौरान जमाबंदी में दर्ज गलतियों को सुधारा जाएगा और मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम रिकॉर्ड में अपडेट किए जाएंगे। जमीन मालिक अपनी जमाबंदी जांचकर जरूरी दस्तावेज राजस्व कर्मी को उपलब्ध कराएं।
जमाबंदी में गलती है तो 31 अक्टूबर तक कराएं सुधार, मृत पूर्वजों के नाम दर्ज जमीन भी होगी अपडेट
अगर आपकी जमीन की जमाबंदी में किसी तरह की त्रुटि है या जमीन अब भी किसी मृत पूर्वज के नाम दर्ज है, तो उसे ठीक कराने का मौका है। 15 सितंबर से 31 अक्टूबर 2026 तक जमाबंदी शुद्धिकरण एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत जमाबंदी में दर्ज विवरण में होने वाली गलतियों को सुधारने के साथ-साथ मृत जमाबंदीदारों के वैध उत्तराधिकारियों के नाम भी जमाबंदी में दर्ज किए जाएंगे। इससे जमीन के रिकॉर्ड को सही और अद्यतन करने में मदद मिलेगी।
ऐसे कराएं जमाबंदी अपडेट
जमीन मालिकों और संबंधित परिवारों को अपनी जमाबंदी में दर्ज विवरण की जांच कर लेनी चाहिए। नाम, खाता, खेसरा या अन्य विवरण में किसी तरह की त्रुटि मिलने पर आवश्यक दस्तावेज तैयार कर अपने राजस्व कर्मी को उपलब्ध कराएं।
वहीं, यदि जमाबंदी अभी भी किसी मृत पूर्वज के नाम दर्ज है, तो वैध उत्तराधिकारियों को आवश्यक दस्तावेजों के साथ उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया पूरी करानी चाहिए।
अभियान की निर्धारित अवधि 31 अक्टूबर 2026 तक है। इसलिए जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में किसी भी तरह की समस्या होने पर समय रहते सुधार और नामांतरण की प्रक्रिया पूरी कराना महत्वपूर्ण है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0

