भारत-वियतनाम के संबंधों को मिला नया मुकाम, 13 अहम समझौतों पर हस्ताक्षर
मोदी-लाम की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने 13 समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें डिजिटल पेमेंट्स, दुर्लभ पृथ्वी खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स), फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, बैंकिंग और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में गहन द्विपक्षीय सहयोग की व्यवस्था है।
NEWS DESK : भारत और वियतनाम के संबंधों को अब नया आयाम मिल गया है। दोनों देशों ने बुधवार को अपने द्विपक्षीय संबंधों को एन्हैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक उन्नत कर दिया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक दोनों देशों के बीच वार्षिक व्यापार लक्ष्य 25 अरब डॉलर रखने का फैसला किया। बढ़ते भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम के बीच हुई वार्ता में व्यापार, रक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।
भारत-वियतनाम में 13 बड़े समझौते
मोदी-लाम की बैठक के बाद दोनों पक्षों ने 13 समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें डिजिटल पेमेंट्स, दुर्लभ पृथ्वी खनिज (रेयर अर्थ मिनरल्स), फार्मास्यूटिकल्स, शिक्षा, बैंकिंग और संस्कृति जैसे क्षेत्रों में गहन द्विपक्षीय सहयोग की व्यवस्था है। दोनों नेताओं ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती दबंगई के बीच स्थिति पर भी चर्चा की और कानून के शासन, शांति, स्थिरता तथा समृद्धि में योगदान जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। यह समझा जाता है कि दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों पर भी दोनों पक्षों के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में चर्चा हुई।
पहली राजकीय यात्रा के लिए चुना भारत
इस माह की शुरुआत में राष्ट्रपति चुने गए तो लाम अपनी पहली राजकीय यात्रा पर मंगलवार को भारत पहुंचे। वे उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया बयान में कहा कि एक दशक पहले वियतनाम भारत का ASEAN (दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन) में पहला कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनर बना था। तब से हमारे संबंध तेजी से और व्यापक रूप से आगे बढ़े हैं। इस मजबूत नींव पर आज हम अपने संबंधों को एन्हैंस्ड कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के स्तर तक उन्नत कर रहे हैं। हम अब अपनी साझेदारी को और भी ऊंचे लक्ष्यों की ओर ले जाएंगे।
25 अरब डॉलर का ट्रेड टारगेट
पीएम मोदी ने आगे कहा, “हमारा सहयोग अब संस्कृति, कनेक्टिविटी, क्षमता निर्माण के साथ-साथ सुरक्षा, स्थिरता और सप्लाई चेन रेजिलिएंस जैसे हर क्षेत्र में नए स्तर पर पहुंचेगा। उन्होंने बताया कि पिछले दशक में भारत-वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार दोगुना होकर 16 अरब डॉलर पहुंच गया है और अब 2030 तक इसे 25 अरब डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य है।
मोदी ने दोनों देशों के बीच साइन किए गए अनेक समझौतों का जिक्र करते हुए कहा कि आर्थिक सहयोग में आने वाले समय में बड़ी तेजी आने की उम्मीद है।“ हमारी दवा नियामक प्राधिकरणों के बीच MoU से वियतनाम में भारतीय दवाओं की पहुंच बढ़ेगी। भारतीय कृषि, मत्स्य पालन और पशु उत्पादों के वियतनाम निर्यात को भी आसानी होगी। जल्द ही वियतनाम में भारत के अंगूर और अनार का स्वाद देखने को मिलेगा।
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