पटना में नाबालिग से चलती कार में गैंगरेप, विजयवाड़ा से लौटी किशोरी को रेलवे स्टेशन से उठाया, 2 दिनों तक बंधक बना करते रहे दरिंदगी, पीड़िता की हालत नाजुक
जंक्शन पर उतरते ही उसका मोबाइल चोरी हो गया। वह बेसहारा होकर रो रही थी, तभी इंसानियत के वेश में शैतान विकास वहां पहुंचा। मदद का झांसा देकर वह उसे ऑटो से गांधी मैदान ले गया। वहां उसने अपने साथी अरविंद को कार के साथ बुलाया।
PATNA : राजधान पटना में लॉ एंड ऑर्डर को ठेंगा दिखाते हुए दरिंदों ने एक 15 साल की मासूम को अपनी हवस का शिकार बनाया है। मोतिहारी की रहने वाली यह किशोरी अपने परिवार के साथ विजयवाड़ा में रहती है। 1 मई को पटना जंक्शन क्या उतरी, उसकी ज़िंदगी में कयामत उतर आई। अपराधियों ने न सिर्फ चलती कार में उसके साथ घिनौनी हरकत की बल्कि दो दिनों तक उसे बंधक बनाकर दरिंदगी की सारी हदें पार कर दीं।
पीड़िता 28 अप्रैल को विजयवाड़ा से अकेले ट्रेन पकड़कर पटना पहुंची थी। जंक्शन पर उतरते ही उसका मोबाइल चोरी हो गया। वह बेसहारा होकर रो रही थी, तभी इंसानियत के वेश में शैतान विकास वहां पहुंचा। मदद का झांसा देकर वह उसे ऑटो से गांधी मैदान ले गया। वहां उसने अपने साथी अरविंद को कार के साथ बुलाया।
इन वहशियों ने मासूम का मुंह बंद कर उसे जान से मारने की धमकी दी और चलती कार में गैंगरेप किया। शाम होते ही वे उसे बेऊर थाना क्षेत्र के सरिस्ताबाद स्थित एक निर्माणाधीन मकान में ले गए। वहां एक सुनसान कमरे में, जहां सिर्फ एक चौकी और बड़ा फ्रीजर रखा था, उसे बंधक बना लिया गया।
पुलिसिया जांच और फर्द बयान के मुताबिक विकास, पवन और अरविंद ने मिलकर दो दिनों तक पीड़िता के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। ज्यादा ब्लीडिंग (रक्तस्राव) होने की वजह से लड़की की हालत बिगड़ने लगी। वह दर्द से तड़पती रही, गिड़गिड़ाती रही लेकिन उन दरिंदों का दिल नहीं पसीजा।
2 मई की शाम जब पीड़िता की हालत मरणासन्न हो गई तो मुख्य आरोपी विकास उसे दानापुर स्टेशन के पास लावारिस छोड़कर भागने की फिराक में था। वह दोबारा यह देखने पहुंचा कि लड़की कहीं पुलिस के पास न चली जाए। वहां जब उसने दोबारा पीड़िता को धमकाया तो रेल यात्रियों को शक हुआ और उन्होंने दानापुर जीआरपी को इत्तला दी।
रेल एसपी अनंत कुमार राय ने बताया कि पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विकास (21) और उसकी निशानदेही पर पवन (22) को गिरफ्तार कर लिया है। तीसरा आरोपी अरविंद उर्फ भोकरन फिलहाल पुलिस की रडार पर है।
घटनास्थल से FSL की टीम ने नमूने और पीड़िता के खून से सने कपड़े जब्त किए हैं। आरोपियों पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट और सामूहिक दुष्कर्म की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल मासूम PMCH में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही है। इस वारदात ने पटना की सड़कों पर महिलाओं की सुरक्षा पर एक बार फिर बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है।
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