इफको ने किसानों को खरीफ फसल में पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जानकारी दी

किसानों को समझाया गया कि केवल दानेदार यूरिया और डीएपी के प्रयोग से वांछित उत्पादन नहीं प्राप्त किया जा सकता है I

May 6, 2026 - 21:02
इफको ने किसानों को खरीफ फसल में पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में जानकारी दी

रांची के बेडो स्थित सेमरा गाँव में इफको द्वारा एक किसान सभा का आयोजन किया गया I इसमें   इफको के क्षेत्र प्रबंधक चंदन कुमार, प्रशिक्षु प्रबल, अमन सिंह, किसान एग्रो बेडो के संचालक जमाललूल लैल सहित 105 पुरुष एवं महिला किसानों ने भाग लिया। 


इस सभा में किसानों को खरीफ फसल मुख्य रूप से धान फ़सल में पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई I संकर धान से प्रति एकड़ 35 से 40 क्विंटल उपज प्राप्त करने के लिए धान के नर्सरी की तैयारी के समय से लेकर रोपाई एवं फ़सल में दाना बनने तक के विभिन्न अवस्थाओं में किन किन पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है कि जानकारी दिया गया। किसानों को समझाया गया कि केवल दानेदार यूरिया और डीएपी के प्रयोग से वांछित उत्पादन नहीं प्राप्त किया जा सकता है I संकर बीजों के उनके उत्पादन दक्षता के अनुसार उत्पादन प्राप्त करने के लिए नर्सरी गिराने के समय नैनो डीएपी@5-10 मिली प्रति किलो बीज से शोधित करना है जिससे प्रत्येक बीज को फास्फोरस एवं नाइट्रोजन अंकुरण के समय से ही मिलने लगता जो जड़ों का विकास कर समय से स्वस्थ नर्सरी तैयार करने में सहायक होता है जो समय से रोपाई का आधार तैयार करता है।


रोपाई के समय नैनो डीएपी@5-10 प्रति ली पानी के घोल में नर्सरी के जड़ों को शोधित करने से और उचित दूरी में रोपाई करने से कल्लों की संख्या अधिक लगेगा और फ़सल का बढ़वार भी तेजी से होगा I निकाय-गुड़ाई के उपरांत दानेदार यूरिया की संस्तुत मात्रा के आधा भाग को खड़ी फ़सल में छिड़काव कर एक सप्ताह के बाद जब फ़सल घना हो जाए तो इफको नैनो यूरिया, नैनो डीएपी एवं सागरिका का स्प्रे करने से फ़सल लम्बी अवधि तक हरा एवं स्वस्थ बना रहता है जिससे इसके कायकीय विकास तेजी से होता है और प्रकाश संश्लेषण की क्रिया लगातार होने से प्रत्येक कल्लों मे बालियां बनती।चूंकि संकर धान की उपज देने की क्षमता अधिक होती है ऐसे में बाली बनने के पूर्व इफको नैनो डीएपी,सागरिका एवं सल्फेट ऑफ पोटाश के स्प्रे करने से सभी बालियों में लगे दानों का भराव अच्छी तरह से होता है और दाने पुष्ट एवं वजनदार होते हैं I यदि आप सभी किसान धान की खेती के समय इन बातों को ध्यान में रखकर खेती करेंगे तो कीट और रोगों का भी आक्रमण कम होगा I 


किसान एग्रो के संचालक ने भी अपनी बात रखते हुए सभी किसानों से निवेदन किया कि खेती में नैनो उर्वरकों का प्रयोग करें I किसी भी जानकारी के लिए मैं स्वयं आपके साथ खड़ा हूँ। 
कुछेक किसानों ने नैनो उर्वरकों के प्रयोग एवं इनसे मिलने वाले लाभ के बारे में अपना अनुभव सभी को साझा किया l

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