बिहार की 9 साल की बच्ची से पंजाब में रेप, इलाज के दौरान मौत, झारखण्ड का रहने वाला है आरोपी, भागने के दौरान गिरफ्तार

May 28, 2026 - 17:30
बिहार की 9 साल की बच्ची से पंजाब में रेप, इलाज के दौरान मौत, झारखण्ड का रहने वाला है आरोपी, भागने के दौरान गिरफ्तार

NEWS DESK : बिहार की 9 साल की बच्ची के साथ पंजाब के मोगा में रेप की घटना को अंजाम 40 साल के शख्स ने दिया है। बच्ची चिल्लाने लगी और मां को बताने की बात कहने लगी तो पकड़े जाने के डर से आरोपी ने उसे कमरे के पंखे से फंदे पर लटका दिया।

बिहार की 9 साल की बच्ची से पंजाब में रेप

आरोपी का नाम दयानंद है और वह झारखंड का रहने वाला है। वारदात को अंजाम देकर वह उसी शाम ट्रेन पकड़कर झारखंड भागने की तैयारी में था। यहीं नहीं वारदात के बाद उसने अपना फोन भी बंद कर दिया था। लेकिन मोगा पुलिस ने उसे बुगीपुरा चौक के पास से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी ने कबूला जुर्म

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपी पर रेप, हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। घटना 25 मई की है। गर्मी के कारण दोपहर के समय गली में सन्नाटा था। 9 साल की बच्ची अपने किराए के कमरे में अकेली बैठी हुई थी और मोबाइल फोन देख रही थी। इसी दौरान उसकी बड़ी बहन अपनी मां के पास मोबाइल फोन लेने के लिए कमरे से बाहर चली गई। 

आरोपी दयानंद, जो मोगा में मजदूरी करता था, काफी समय से इसी इलाके में रह रहा था। वह इस ताक में था कि कब बच्ची अकेली मिले। कमरे को सूना और बच्ची को अकेला पाकर वह चुपके से कमरे के भीतर दाखिल हो गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी अकसर बच्चियों को लेकर गंदी नीयत रखता था। उस दिन जैसे ही उसे मौका मिला तो उसने बच्ची को दबोच लिया और उसके साथ जबरदस्ती करने लगा। 

इस अचानक हुए हमले से बच्ची घबरा गई और उसने खुद को बचाने के लिए शोर मचाना शुरू किया। इस पर आरोपी के हाथ-पांव फूल गए। उसे डर सताने लगा कि अगर किसी ने आवाज सुन ली तो वह पकड़ा जाएगा। आरोपी ने पुलिस पूछताछ में कहा कि जब बच्ची ने चिल्लाकर अपनी मां को बुलाने और उसका नाम उजागर करने की बात कही तो उसने पहले बच्ची का गला घोंटने की कोशिश की और फिर कमरे में लगे पंखे से फंदा बांधकर उस पर लटका दिया। उसने ऐसा इसलिए किया ताकि सबको यह लगे कि बच्ची ने खुदकुशी की है और उसका नाम कभी सामने न आ पाए। वह यह सोच रहा था कि बच्ची मर जाएगी तो राज हमेशा के लिए दफन हो जाएगा।

कुछ ही देर बाद जब बच्ची की बड़ी बहन अपनी मां से मोबाइल लेकर वापस किराए के कमरे पर पहुंची तो उसने देखा कि उसकी छोटी बहन फंदे से लटक रही थी। यह देखकर वह जोर-जोर से चीखने-चिल्लाने लगी। उसकी चीखें सुनकर आसपास के घरों में रहने वाले लोग और पड़ोस की एक इमारत में काम कर रहे मजदूर तुरंत मौके पर पहुंचे।

जब पड़ोसी और मजदूर कमरे के अंदर पहुंचे तो उन्होंने तुरंत बच्ची को फंदे से नीचे उतारा। जब बच्ची को नीचे उतारा गया, तब उसकी सांसें चल रही थीं। लोग उसे गोद में उठाकर मोगा के सरकारी अस्पताल की तरफ भागे। अस्पताल पहुंचने से ठीक पहले उसने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

बच्ची की मौत के बाद जब रोती-बिलखती बड़ी बहन ने मां और पड़ोसियों को बताया कि आखिरी बार जब वह गई थी, तब आरोपी दयानंद वहीं आसपास मंडरा रहा था तो परिजनों को उस पर गहरा शक हुआ। परिवार के लोगों ने तुरंत दयानंद को ढूंढने की कोशिश की और उसके मोबाइल नंबर पर कॉल किया लेकिन दयानंद का फोन बंद (स्विच ऑफ) आ रहा था। दोपहर के समय अचानक फोन बंद होना और उसका गायब हो जाना, शक को यकीन में बदलने के लिए काफी था।

झारखण्ड भागने की फिराक में था आरोपी

इसके बाद परिजनों को पता चला कि दयानंद ने उसी दिन शाम को झारखंड जाने की ट्रेन की टिकट बुक थी। उसने पूरी प्लानिंग कर रखी थी कि वह दोपहर में इस वारदात को अंजाम देगा और शाम को ट्रेन पकड़कर अपने गृह राज्य भाग जाएगा, जिससे पंजाब पुलिस उसे कभी ढूंढ नहीं पाएगी। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए इस बात की जानकारी मोगा पुलिस के आला अधिकारियों को दी।

पुलिस ने शहर के रास्तों पर नाकाबंदी कर दी। बुगीपुरा चौक के पास भागने की कोशिश कर रहे आरोपी दयानंद को पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।

पीड़ित परिवार बिहार के रहने वाला है। परिवार गरीब है इसलिए पुलिस ने संवेदना दिखाते हुए पोस्टमॉर्टम के बाद खुद अपनी देखरेख में बच्ची का अंतिम संस्कार करवाया। पुलिस अब आरोपी को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेगी ताकि आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।

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