पत्नी कमाती है ७० हज़ार प्रति महीना और भाई हैं शिक्षा मंत्री,फिर भी आर्थिक दुर्बल वर्ग के प्रमाण पत्र पर पायी नौकरी
गरीबी आधार पर सहायक प्रोफेसर बने अरुण द्विवेदी के बड़े भाई डॉ. सतीश द्विवेदी योगी सरकार में मंत्री हैं और स्वयं उनकी पत्नी भी प्रति महीने 70 हजार रुपये से अधिक कमाती हैं।

मोतिहारी:
उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा मंत्री के भाई का ईडब्ल्यूएस आर्थिक दुर्बल वर्ग (Economically Weaker Section) के प्रमाण पत्र पर सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में सहायक प्रोफेसर बनने का मामला अब गरमाने लगा है।
बता दें की गरीबी आधार पर सहायक प्रोफेसर बने अरुण द्विवेदी के बड़े भाई डॉ. सतीश द्विवेदी योगी सरकार में मंत्री हैं और स्वयं उनकी पत्नी भी प्रति महीने 70 हजार रुपये से अधिक कमाती हैं। अरुण द्विवेदी की पत्नी डा.विदुषी दीक्षित मोतिहारी के एमएस कॉलेज में सहायक प्रोफेसर हैं।
यह भ्रष्ट तंत्र की ही बानगी है की भाई मंत्री और पत्नी असिस्टेंट प्रोफेसर होते हुए भी गरीब और ईडब्ल्यूस के प्रमाण पत्र पर नौकरी मिल जाती है । फ़िलहाल लॉकडाउन में सभी कॉलेज बंद हैं। मगर इस बात की चर्चा मोतिहारी के शैक्षणिक से लेकर राजनीतिक हलकों में ख़ूब हो रही है । आखिर मंत्री के भाई और सहायक प्रोफेसर के पति ने गरीबी का प्रमाण पत्र बनवाकर नौकरी कैसे ले ली ?
इस संबंध में एमएस कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि विदुषी दीक्षित की बहाली बीपीएससी के माध्यम से 2017 में हुई थी। वे यहां मनोविज्ञान विभाग में सहायक प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। कॉलेज के वित्त प्रभाग के सूत्रों के अनुसार सातवें वेतनमान के बाद डा.विदुषी दीक्षित का वर्तमान वेतन (अन्य भत्ता के साथ) 70 हजार से अधिक है।