जीबीएम कॉलेज में एनसीसी एवं एनएसएस इकाइयों द्वारा साइबर सुरक्षा पर परामर्श सत्र का हुआ आयोजन, छात्राओं को दी गयीं तकनीकी के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं की जानकारियाँ
जीबीएम कॉलेज में एनसीसी एवं एनएसएस इकाइयों द्वारा साइबर सुरक्षा पर परामर्श सत्र का हुआ आयोजन, छात्राओं को दी गयीं तकनीकी के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं की जानकारियाँ
गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के सावित्री महाजन सभागार में प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के संरक्षण में कॉलेज की नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) एवं नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस) इकाइयों के संयुक्त तत्त्वावधान में "साइबर सुरक्षा" पर एक दिवसीय परामर्श सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें एमिटी यूनिवर्सिटी के नामांकन एवं विपणन विभाग के सहायक निदेशक, शांतनु बनर्जी, सहायक प्रबंधक चंद्रकांत मोहनिया, एवं केंद्र प्रबंधक रवि कुमार सिंह ने छात्राओं को संबोधित किया। प्रधानाचार्या डॉ पटेल ने वक्ताओं का स्वागत शॉल तथा पौधा प्रदान करके किया।
मुख्य वक्ता शांतनु बनर्जी ने छात्राओं को मोबाइल, लैपटॉप, तथा विभिन्न सोशल मीडिया का प्रयोग सावधानी तथा सतर्कता के साथ करने का परामर्श देते हुए साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियाँ दीं। पॉवर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्री बनर्जी ने तकनीकी सुविधाओं के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि अॉनलाइन शिक्षा, चिकित्सा, शॉपिंग, बैंकिंग, एयरलाइन रिजर्वेशन, ई-कॉमर्श, मनोरंजन जैसी सुविधाओं का उपलब्ध होना तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी के सकारात्मक पहलू हैं। जबकि इन सुविधाओं के अत्यधिक एवं अनुचित प्रयोग से दृष्टि दोष, श्रवण शक्ति की क्षीणता, कंधे तथा पीठ का दर्द, मानसिक विकार भी बढ़ रहे हैं। उन्होंने सोशल मीडिया के दुरुपयोग के कारण समाज में बढ़ती बेरोजगारी की समस्याओं पर भी चिंता जतायी। साइबर क्राइम के प्रकारों को सविस्तार समझाया।
परामर्श सत्र को संबोधित करती हुई प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल ने कहा कि छात्राएं किसी भी अनजान व्यक्ति के वहाट्सएप एवं वीडियो कॉल उठाने की गलती कभी भी नहीं करें। सोशल मीडिया पर भी किसी भी तरह की व्यक्तिगत तस्वीरें एवं निजी सूचनाएं साझा करने से पहले अच्छी तरह सोच-समझ लें। किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा फोन करके फोन पर भेजे गये ओटीपी को कभी भी नहीं बतलायें। अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स का भी ध्यान रखें। कार्यक्रम का समन्वयन अर्थशास्त्र विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नगमा शादाब (एनसीसी केयरटेकर अॉफिसर) तथा संचालन डॉ वीणा कुमारी जायसवाल ने किया। कॉलेज की पीआरओ एवं एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी ने बताया कि वक्ताओं ने परामर्श सत्र में अॉनलाइन सेफ्टी, साइबर बुलिंग, अॉनलाइन थ्रेट्स, साइबर ग्रूमिंग, साइबर स्टॉकिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट, फाइनेंशियल स्कैम्स, अॉनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसी समस्याओं को बिंदुवार समझाया। वक्ताओं ने साइबर उल्लंघन एवं साइबर अपराध में अंतर की भी बिंदुवार व्याख्या की। सोशल मीडिया की लत को युवाओं के लिए अत्यंत हानिकारक ठहराया। शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने वक्ताओं से साइबर फ्रॉड, साइबर क्राइम तथा साइबर सेक्युरिटी से संबंधित प्रश्न भी पूछे।
कार्यक्रम में प्रीति शेखर, डॉ सुरबाला कृष्णा, डॉ सुनीता कुमारी, डॉ अफ्शां नाहिद, डॉ शबाना परवीन हुसैन, डॉ नुद्रतुन निसां, डॉ अमृता कुमारी, डॉ प्रमिला कुमारी, डॉ आशुतोश कुमार पांडेय, डॉ प्रियंका पांडेय, डॉ सीमा कुमारी, अभिषेक कुमार भोलू, अभिषेक कुमार, रौशन कुमार, नीरज कुमार, अजीत कुमार सहित विभिन्न विभागों की छात्राओं, एनएसएस स्वयंसेवकों, एनसीसी कैडेटों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के कुशल संयोजन में एनएसएस स्वयंसेवक श्रुति सिंह, शिवानी कुमारी, श्रुति वर्मा, तान्या, निधि, स्तुति, कशिश, अल्का, वैष्णवी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
