अस्वस्थ बच्चों की शीघ्र स्वास्थ्य कामना के लिए सामुहिक प्रार्थना का आयोजन 

बाल दिवस सह पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर गोष्ठी संपन्न

अस्वस्थ बच्चों की शीघ्र स्वास्थ्य कामना के लिए सामुहिक प्रार्थना का आयोजन 

बाल दिवस सह देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर स्थानीय स्वर्ण जयंती पार्क में आध्यात्मिक व सामाजिक संस्था सागर भक्ति संगम के तत्वाधान में एक गोष्ठी का आयोजन किया गया।  इस अवसर पर संगम के सदस्यों ने विश्व भर के बच्चों के स्वास्थ्य की मंगल कामना के लिए सामूहिक प्रार्थना किया। 
 गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए संगम के संयोजक विजय केसरी ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू स्वाधीनता संग्राम के एक अप्रतिम योद्धा थे। उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वाधीनता आंदोलन में भाग लिया था।  नेहरू का बाल प्रेम बहुत ही शानदार था । आज के बदली सामाजिक परिस्थिति में बच्चों पर पढ़ाई और पारिवारिक उपेक्षा का बोझ बढ़ता चला जा रहा है।  हम सबों को बच्चों के कोमल भाव को समझने की जरूरत है। तभी बच्चों का सर्वांगीण सर्वांगीण विकास संभव है।
  शिक्षाविद ब्रजनंदन  प्रसाद ने कहा कि आज  के ही बच्चे कल के भविष्य होंगे।  उनके ही कंधों पर घर, समाज और देश का बोझ होगा।  इसलिए जरूरी है कि बच्चों के स्वभाव के अनुकूल ही उन्हें उसके कार्य क्षेत्र का चुनाव करने देने की आजादी दी जानी चाहिए।
  गोपी कृष्ण सहाय, सतीश होर्रा, सुरेंद्र कुमार गुप्ता पप्पू, इन वक्ताओं के अलावा अजीत कुमार गुप्ता, उमेश केसरी, शंभू शरण सिन्हा, अखिलेश सिंह, अशोक राणा, मनीष होर्रा, सुरेश मिस्त्री, अशोक राणा, इंद्रलाल सोनी, उषा सहाय, कृष्ण कुमार गुप्ता, मिथुन राणा आदि ने भी अपने-अपने विचार रखें।