राणा इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल लखीवाग मानपुर में डॉ. काउंट सीजर मैटी की 217वीं जयंती समारोह मनाया गया

राणा इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल लखीवाग मानपुर में डॉ. काउंट सीजर मैटी की 217वीं जयंती समारोह मनाया गया

राणा इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल लखीवाग मानपुर में डॉ. काउंट सीजर मैटी की 217वीं जयंती समारोह मनाया गया

गया । आदर्श बुद्धा वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित राणा इलेक्ट्रो होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज अस्पताल लखीवाग मानपुर में इलेक्ट्रो होम्योपैथी के आविष्कारक डॉक्टर काउंट सीजर मैटी की जयंती संस्था के अध्यक्ष प्रोफेसर बालकृष्ण प्रसाद वर्मा की अध्यक्षता में मनाई गई जिसके मुख्य अतिथि गया के विख्यात डेंटल सर्जन डॉ राहुल शरण जी रहे। मंच संचालन कॉलेज के सह प्राचार्य डॉ लीलाधर कुमार मिश्रा ने किया। विशिष्ट अतिथि नवादा के स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी सुनील कुमार दास एवं डॉ अजय कुमार आर्य आयुर्वेद चार्ज जी रहे। कार्यक्रम का आरंभ काउंट सिजर मैटी के तैल चित्र पर माल्यार्पण के बाद दीप प्रज्वलित कर किया गया। डॉ सूरज देव पांडे ने काउंट सिजर मैटी की जयंती पर प्रकाश डाला तथा डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा ने इलेक्ट्रॉन होम्योपैथी के वैज्ञानिकता का वर्णन किया। कार्यक्रम के आयोजक आदर्श बुद्धा वेलफेयर सोसाइटी के सचिव डॉ राणा प्रताप शर्मा ने इलेक्ट्रो होम्योपैथी की वैधानिकता तथा सरकारी मान्यता का वर्णन करते हुए बताया कि 22 जनवरी 2015 को माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने नई दिल्ली द्वारा इसे स्वतंत्रता पैथी की मान्यता मिली उसके बाद केंद्र सरकार आईडीसी कमेटी गठित कर मान्यता की प्रक्रिया में है। साथ साथ राजस्थान सरकार इसे अपने राज्य में मान्यता देते हुए आयुष में शामिल करके अलग विभागीय प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। प्रधानमंत्री द्वारा राजस्थान सरकार को 5 करोड रुपए इलेक्ट्रो होम्योपैथी के विकास के लिए भी दिया गया है तथा अन्य राज्यों में भी मान्यता की प्रक्रिया चल रही है मौके पर डॉक्टर जयकुमार सिंह डॉक्टर बेलाल अहमद खान, डॉक्टर अविनाश कुमार सिंह, डॉक्टर मुस्तफा कमाल, डॉक्टर अजीत कुमार मिश्रा, डॉ वेद प्रकाश पांडे , डॉक्टर इंद्र कुमार, डॉक्टर सुमंत कुमार आलोक, डॉ अनिल कुमार अम्बष्ट डॉक्टर अभय कुमार कमल, पुनीता मिश्रा, अनुपम कुमारी, बबीता कुमारी, के साथ-साथ उपस्थित छात्र-छात्राएं डॉक्टर मैटी के जीवन पर प्रकाश डाला।