चांडिल में आदिवासी जमीन विवाद पर उबाल! जय मंगला कंपनी पर जमीन कब्जाने का आरोप, श्रमिक संघ ने दी घेराव की चेतावनी

सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत कुरली गांव में आदिवासी जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। चौका थाना क्षेत्र के कुरली में स्थित मेसर्स जय मंगला स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधन पर आदिवासी रैयत सनाराम माझी की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज झारखंड श्रमिक संघ (झामुमो) ने मंगलवार को चांडिल प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

Oct 27, 2026 - 16:53
चांडिल में आदिवासी जमीन विवाद पर उबाल! जय मंगला कंपनी पर जमीन कब्जाने का आरोप, श्रमिक संघ ने दी घेराव की चेतावनी

सरायकेला-खरसावां: झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल प्रखंड अंतर्गत कुरली गांव में आदिवासी जमीन विवाद ने तूल पकड़ लिया है। चौका थाना क्षेत्र के कुरली में स्थित मेसर्स जय मंगला स्पंज आयरन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के प्रबंधन पर आदिवासी रैयत सनाराम माझी की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया गया है। मामले में कार्रवाई नहीं होने से नाराज झारखंड श्रमिक संघ (झामुमो) ने मंगलवार को चांडिल प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा।

झारखंड श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव शैलेंद्र मैथी के नेतृत्व में सैकड़ों महिला-पुरुष रैली के रूप में कार्यालय पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमीन विवाद की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सात दिनों के भीतर कार्रवाई की दिशा में ठोस पहल नहीं हुई, तो आंदोलन तेज किया जाएगा और कंपनी का घेराव किया जा सकता है।

क्या है पूरा जमीन विवाद?

संघ और पीड़ित परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, कुरली गांव में आदिवासी रैयत सनाराम माझी की निजी जमीन पर कथित तौर पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया। आरोप है कि जमीन की मेड़ को समतल करने, पलाश के पेड़ों को काटने और चारदीवारी बनाने जैसी गतिविधियां की गईं।

पीड़ित परिवार का कहना है कि इस मामले में 16 अक्टूबर 2026 को चांडिल के अंचल अधिकारी को लिखित शिकायत दी गई थी। शिकायत की प्रतियां सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त, भूमि सुधार उप समाहर्ता (LRDC), अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी और झारखंड सरकार को भी भेजे जाने का दावा किया गया है।

संघ का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, जमीन के स्वामित्व, कथित कब्जे और निर्माण की वैधता की पुष्टि संबंधित दस्तावेजों और प्रशासनिक जांच से ही हो सकेगी।

चौका थाना में FIR दर्ज नहीं करने का आरोप

झारखंड श्रमिक संघ ने आरोप लगाया कि पीड़ित पक्ष 21 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए चौका थाना पहुंचा था, लेकिन वहां आवेदन लेने से इनकार कर दिया गया। संघ के मुताबिक, उस समय थाना प्रभारी मौजूद नहीं थे और थाने के एक कर्मचारी ने इसे जमीन से जुड़ा मामला बताते हुए आवेदन लेने से मना कर दिया।

संघ का यह भी कहना है कि थाना प्रभारी से फोन पर संपर्क करने पर अंचल अधिकारी के पास जाने की सलाह दी गई। इसके बाद आवेदक ने भारतीय डाक के माध्यम से प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन भेजा।

संघ ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने और प्राथमिकी दर्ज करने से कथित इनकार के मामले में जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।

शैलेंद्र मैथी बोले- कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन होगा तेज

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे झारखंड श्रमिक संघ के केंद्रीय महासचिव शैलेंद्र मैथी ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में आदिवासियों की जमीन से जुड़े मामलों में अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार की शिकायत संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी है।

मैथी ने चेतावनी दी कि यदि सात से 15 दिनों के भीतर मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो संघ जय मंगला कंपनी का घेराव कर आंदोलन करेगा। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की जमीन की सुरक्षा और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन संघर्ष जारी रखेगा।

जमीन मालिक के परिजन ने भी लगाए गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार के परिजन रीजू माझी ने कहा कि उनके परिवार की जमीन पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर चारदीवारी बनाई गई है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 16 अक्टूबर को विभिन्न प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई थी।

रीजू माझी ने चौका थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने के प्रयास के दौरान आवेदन नहीं लिए जाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि कार्रवाई नहीं हुई, तो ग्रामीण और बड़ा आंदोलन करेंगे।

संघ की प्रमुख मांगें

झारखंड श्रमिक संघ ने प्रशासन के समक्ष कई मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • कुरली गांव के जमीन विवाद की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए।

  • जांच में सामने आने वाले तथ्यों और निष्कर्षों को सार्वजनिक किया जाए।

  • जमीन पर कथित अवैध कब्जे की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

  • यदि अनुसूचित जनजाति की जमीन से जुड़े कानूनों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।

  • चौका थाना में प्राथमिकी दर्ज करने से कथित इनकार की जांच कराई जाए।

  • पीड़ित परिवार और क्षेत्र के अन्य रैयतों की जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

कंपनी प्रबंधन और प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार

इस धरना-प्रदर्शन में प्रफुल सिंह मुंडा, सुधाकर गोप, रीजू माझी, सुखलाल माझी, खुदीराम मुंडा, सागर सोरेन, श्रीराम माझी, गौर हांसदा, मैथा लाल कर्मकार, बाबलू सिंह सरदार, सनातन मुंडा, शिवू सोरेन, दिलीप प्रमाणिक, राम हांसदा, सुखराम टुडू, पतिराम माझी, संजीव टुडू, बलराम माझी और रूपचांद कालिंदी समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष शामिल हुए।

फिलहाल, इस मामले में जय मंगला कंपनी प्रबंधन और जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जमीन पर कथित कब्जे और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि भी नहीं हुई है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0