पटना में गंगा खतरे के निशान से 1.23 मीटर ऊपर, घाटों पर आवाजाही बंद; SDRF-SSB तैनात

पटना: राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। लोगों से गंगा नदी और घाटों के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

Sep 3, 2026 - 18:26
पटना में गंगा खतरे के निशान से 1.23 मीटर ऊपर, घाटों पर आवाजाही बंद; SDRF-SSB तैनात

पटना:- राजधानी पटना में गंगा नदी का जलस्तर लगातार खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था कड़ी कर दी है। लोगों से गंगा नदी और घाटों के आसपास जाने से बचने तथा प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 49.83 मीटर दर्ज किया गया है, जबकि यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है। यानी गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 1.23 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं दीघा घाट पर जलस्तर 51.01 मीटर दर्ज किया गया है, जो खतरे के निशान से 56 सेंटीमीटर अधिक है। हाथीदह में भी गंगा का पानी खतरे के निशान से करीब 30 सेंटीमीटर ऊपर बताया जा रहा है।

घाटों पर बैरिकेडिंग, स्नान पर रोक

गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पटना सिटी के भद्र घाट, नौजर घाट और महावीर घाट पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। इन घाटों पर आम लोगों की आवाजाही रोक दी गई है। साथ ही गंगा में स्नान करने पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि किसी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके।

प्रशासन ने संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए SDRF की टीम को नाव और प्रशिक्षित गोताखोरों के साथ तैनात किया है। वहीं SSB की टीम भी नाव और लाइफ जैकेट के साथ भद्र घाट पर मुस्तैद है। सुरक्षा बल और प्रशासनिक टीमें जलस्तर तथा नदी किनारे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

कच्ची दरगाह-राघोपुर दियारा नाव परिचालन बंद

सुरक्षा कारणों से कच्ची दरगाह से राघोपुर दियारा तक नावों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। प्रशासन का उद्देश्य नदी में बढ़ते जलस्तर के बीच लोगों की आवाजाही को नियंत्रित करना और संभावित हादसों को रोकना है।

सोन और पुनपुन ने भी बढ़ाई चिंता

गंगा के साथ-साथ सोन और पुनपुन नदी का बढ़ता जलस्तर भी प्रशासन की चिंता बढ़ा रहा है। श्रीपालपुर में पुनपुन नदी खतरे के निशान से 2.01 मीटर ऊपर बह रही है। वहीं इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में 5.54 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से नदी के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। लोगों को नदी, घाट और दियारा क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा एवं राहत इंतजाम किए जाएंगे।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Angry Angry 0
Sad Sad 0
Wow Wow 0