जीबीएम कॉलेज के 74वें स्थापना दिवस पर कॉलेज के बहुभाषीय शोध तथा सृजनात्मक वार्षिक जर्नल 'गरिमा' - 2026 का हुआ भव्य लोकार्पण, कार्यक्रम की अध्यक्षता एमयू के कुलपति प्रो दिलीप कुमार केसरी ने की
गया जी। गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के 74वें स्थापना दिवस पर "बिहार में स्त्री शिक्षा एवं सशक्तीकरण: अवसर एवं चुनौतियाँ" विषय पर एक दिवसीय संगोष्ठी एवं कॉलेज के शोध एवं सृजनात्मक वार्षिक जर्नल 'गरिमा' 2026 का लोकार्पण समारोह हर्षोल्लास पूर्वक सम्पन्न हुआ। समारोह में बतौर मुख्य अतिथि डॉ. प्रेम कुमार, अध्यक्ष, बिहार विधान सभा, विशिष्ट अतिथि जीवन कुमार, सदस्य, बिहार विधान परिषद, कार्यक्रम अध्यक्ष एवं मुख्य संरक्षक मगध विश्वविद्यालय, बोधगया के कुलपति प्रो डॉ दिलीप कुमार केसरी, कीनोट स्पीकर प्रो. डॉ कुसुम कुमारी, पूर्व कुलपति, मगध विश्वविद्यालय, बोधगया एवं कार्यक्रम के सह-संरक्षक प्रो. डॉ. बी. के. मंगलम, कुलसचिव, मगध विश्वविद्यालय, कॉलेज की गरिमामय उपस्थिति रही। सभी गणमान्य अतिथियों ने महाविद्यालय परिसर अवस्थित महात्मा गौतम बुद्ध, स्वामी विवेकानंद एवं कॉलेज की संस्थापक प्रधानाचार्या स्वर्गीय सावित्री महाजन की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करके एवं पुष्पांजलि अर्पित करके अपनी श्रद्धा निवेदित की। मुख्य अतिथि डॉ प्रेम कुमार उपस्थित अतिथियों के साथ कॉलेज परिसर में अवस्थित ओपेन जिम एवं आर. ओ. वॉटर कूलर का फीता काटकर उद्घाटन किया। कॉलेज की एनएसएस वॉलेंटियर्स ने तिलक लगाकर आरती द्वारा अतिथियों का स्वागत किया। एनसीसी कैडेटों ने गार्ड अॉफ अॉनर दिया।
एक दिवसीय संगोष्ठी एवं पत्रिका लोकार्पण समारोह का आयोजन कॉलेज के सावित्री महाजन सभागार में किया गया, जिसका शुभारंभ मंचासीन गणमान्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित किया। एनएसएस प्रोग्राम अॉफिसर डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी के नेतृत्व में छात्रा हर्षिता मिश्रा, स्तुति भारद्वाज, एवं निधि ने हारमोनियम एवं तबले के साथ देश के राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" एवं महाविद्यालय कुलगीत "गौतम बुद्ध महिला महाविद्यालय युग की शान। सा विद्या या विमुक्तये की पावन वैष्णव तान" की सुमधुर प्रस्तुति दी। सभागार में सभी ने सामूहिक रूप से दोनों गीतों को गाया। छात्रा अनु, सौम्या, मुस्कान, एवं श्रुति ने स्वागत गीत "मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम, स्वागतम, स्वागतम, स्वागतम स्वागतम" गाया। कार्यक्रम की संयोजक गौतम बुद्ध महिला कॉलेज की प्रधानाचार्या डॉ. सीमा पटेल ने स्वागत वक्तव्य तथा कॉलेज का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने 2025 से 2026 तक कॉलेज की शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कॉलेज की समस्याओं को अतिथियों के समक्ष रखते हुए सभी से अनवरत स्नेह, अपेक्षित आवश्यक सहयोग की प्रार्थना की। सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत अंगवस्त्र, पौधा, एवं स्मृति चिन्ह के रूप में महात्मा बुद्ध की मूर्ति प्रदान करके किया गया। तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉ कुमार, विशिष्ट अतिथि जीवन कुमार, कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो केसरी, प्रो. कुसुम कुमारी, प्रो मंगलम, प्रधानाचार्य डॉ सीमा पटेल, उपस्थित गणमान्य अतिथियों, मुख्य संपादक डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी, उप संपादक डॉ प्यारे माँझी, डॉ पूजा, प्रीति शेखर, डॉ फरहीन वजीरी, डॉ शबाना परवीन हुसैन एवं अन्य प्रोफेसरों ने कॉलेज के बहुभाषीय शोध तथा सृजनात्मक वार्षिक जर्नल 'गरिमा' - 2026 का संयुक्त रूप से लोकार्पण किया। पूरा सभागार गरिमा 2026 के भव्य लोकार्पण का साक्षी बना। सभागार तालियों से गुंजित हो उठा।
अपने संबोधन में कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ प्रेम कुमार ने गरिमा के लोकार्पण के लिए प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल और उनकी पूरी टीम को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। डॉ कुमार ने गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक एवं छात्राओं के हितार्थ किए जा रहे सभी प्रयत्नों की प्रशंसा करते हुए एवं कॉलेज की आर्थिक समस्याओं के प्रति सहयोग एवं सहानुभूति का भाव प्रकट करते हुए कॉलेज को 15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कॉलेज परिवार को अपना परिवार बताते हुए यथासंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि छात्राओं एवं महिला कॉलेज के हित में ही उन्होंने कॉलेज में ओपेन जिम तथा आर ओ वॉटर कूलर की व्यवस्था करवाई है। वहीं एमएलसी जीवन कुमार ने कॉलेज की अधिग्रहित जमीन दिलवाने, पश्चिमी गेट को खुलवाने जैसी समस्याओं के हल के लिए हर संभव प्रशासनिक सहायता देने की घोषणा की। कॉलेज के गौरवमय अतीत, सक्रिय वर्तमान एवं सुंदर भविष्य के लिए डॉ प्रेम कुमार एवं एमएलसी जीवन कुमार ने हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया। कीनोट स्पीकर व मुख्य वक्ता के रूप में डॉ कुसुम कुमारी ने "बिहार में स्त्री शिक्षा एवं सशक्तीकरण: अवसर एवं चुनौतियाँ" विषय पर बोलते हुए कहा कि महिलाओं को सभी तरह की चुनौतियों का सामना करते हुए आगे बढ़ने की जरूरत है। उन्होंने एक प्रोफेसर एवं एमयू की पू्र्व कुलपति के रूप में महिलाओं से संबंधित विभिन्न अनुभवों को साझा किया। एमयू के कुलसचिव प्रो. डॉ. बी. के. मंगलम ने कामायनी, यशोधरा एवं विभिन्न पौराणिक एवं धार्मिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए महिलाओं को पहले से ही शक्ति का स्रोत एवं सशक्त बताया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो दिलीप कुमार केसरी ने कहा कि वे एमयू के छात्र, वरिष्ठ प्रोफेसर एवं वर्तमान कुलपति होने के कारण एमयू एवं इसके विभिन्न महाविद्यालयों की गतिविधियों से पूर्व से ही परिचित रहे हैं। उन्होंने भी प्रधानाचार्या डॉ सीमा पटेल के नेतृत्व में कॉलेज की बढ़ती गरिमा पर खुशी जताई और महाविद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कुलपति के संबोधन के उपरांत 80% से अधिक उपस्थिति वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र एवं प्रतियोगी पुस्तकें देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ कुमारी रश्मि प्रियदर्शनी एवं डॉ कृति सिंह आनंद ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ शगुफ्ता अंसारी ने किया।
कार्यक्रम में गया कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. डॉ सतीश सिंह चंद्र, जगजीवन कॉलेज के प्रधानाचार्य मो. अयूब, गौतम बुद्ध महिला कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य प्रो ड