पटना के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन खत्म, मरीज परेशान; पीएमसीएच में पर्याप्त स्टॉक से राहत

पटना: कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। पटना के कई प्रमुख सरकारी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। इसके चलते मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई मरीजों को वैक्सीन नहीं मिलने पर बाहर से टीका खरीदने की सलाह दी जा रही है।

Oct 4, 2026 - 13:36
पटना के तीन बड़े सरकारी अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन खत्म, मरीज परेशान; पीएमसीएच में पर्याप्त स्टॉक से राहत

पटना: कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन लगवाने वाले मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। पटना के कई प्रमुख सरकारी अस्पतालों में पिछले कुछ दिनों से वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। इसके चलते मरीजों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई मरीजों को वैक्सीन नहीं मिलने पर बाहर से टीका खरीदने की सलाह दी जा रही है।

न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल, गर्दनीबाग अस्पताल और गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में एंटी-रेबीज वैक्सीन की कमी बताई गई है। सबसे ज्यादा परेशानी उन मरीजों को हो रही है, जिन्हें जानवर के काटने के बाद तय शेड्यूल के अनुसार वैक्सीन की अगली खुराक लेनी है। सरकारी अस्पताल में टीका नहीं मिलने के कारण उन्हें निजी मेडिकल स्टोर से वैक्सीन खरीदनी पड़ रही है।

न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल के अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार के अनुसार, अस्पताल में पिछले तीन दिनों से एंटी-रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। यहां रोजाना करीब 50 से 60 मरीज कुत्ते या अन्य जानवरों के काटने के बाद टीका लगवाने पहुंचते हैं। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले 150 खुराक की खेप आई थी, लेकिन मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण स्टॉक जल्द खत्म हो गया। अब अस्पताल नई खेप आने का इंतजार कर रहा है।

शनिवार को गया से एक मरीज एंटी-रेबीज वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने न्यू गार्डिनर रोड अस्पताल पहुंचा था। वहां वैक्सीन नहीं मिलने पर वह गर्दनीबाग अस्पताल गया, लेकिन वहां भी टीका उपलब्ध नहीं था। इसके बाद मरीज को वापस लौटना पड़ा।

गुरु गोविंद सिंह सदर अस्पताल में भी कई दिनों से वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई है। इससे मरीजों पर इलाज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

रेबीज एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है। संभावित संक्रमित जानवर के काटने के बाद घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से साफ करना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार समय पर पोस्ट-एक्सपोजर प्रोफिलैक्सिस (PEP) शुरू करना जरूरी है।

वहीं, पीएमसीएच में फिलहाल एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध बताया गया है। इससे वहां पहुंचने वाले मरीजों को राहत मिल रही है।

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