बिहार में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली जारी, 9.48 लाख उपभोक्ताओं के बिल में फिक्स्ड चार्ज का समायोजन

पटना: बिहार में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ लगातार मिलता रहेगा। बिजली विभाग के अनुसार, जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। वहीं, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से Revenue Management System (RMS) लागू किया गया है।

Sep 3, 2026 - 17:57
बिहार में 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली जारी, 9.48 लाख उपभोक्ताओं के बिल में फिक्स्ड चार्ज का समायोजन

पटना:- बिहार में घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ लगातार मिलता रहेगा। बिजली विभाग के अनुसार, जुलाई 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। वहीं, स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिलिंग व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से Revenue Management System (RMS) लागू किया गया है।

विभाग के मुताबिक, स्मार्ट मीटर वाले घरेलू उपभोक्ताओं का मासिक बिजली बिल संबंधित महीने की वास्तविक खपत और दर्ज Maximum Load के आधार पर अगले महीने की 1 या 2 तारीख के बीच तैयार किया जाता है। यदि किसी उपभोक्ता की मासिक खपत 125 यूनिट से अधिक होती है, तो 125 यूनिट तक की बिजली मुफ्त रहेगी और केवल अतिरिक्त खपत पर निर्धारित ऊर्जा शुल्क, विद्युत कर तथा दर्ज भार के अनुसार फिक्स्ड चार्ज देय होगा।

200 यूनिट बिजली खपत पर कितना बिल?

विभाग ने इसे एक उदाहरण के जरिए समझाया है। यदि किसी शहरी घरेलू स्मार्ट मीटर उपभोक्ता की मासिक बिजली खपत 200 यूनिट है और दर्ज अधिकतम भार 2 किलोवाट है, तो 125 यूनिट मुफ्त होने के बाद केवल 75 यूनिट पर ऊर्जा शुल्क लगेगा।

75 यूनिट के लिए ऊर्जा शुल्क 537.75 रुपये होगा। इसके अलावा 6 प्रतिशत विद्युत कर के रूप में 32.27 रुपये और 2 किलोवाट के लिए 160 रुपये फिक्स्ड चार्ज देय होगा। इस तरह कुल राशि 730.02 रुपये बनती है।

इसमें सरकार की ओर से 75 यूनिट पर 247.50 रुपये का अनुदान समायोजित होने के बाद उपभोक्ता को कुल 482.52 रुपये का भुगतान करना होगा।

जून-जुलाई का फिक्स्ड चार्ज अगस्त के बिल में जुड़ा

बिजली बिलिंग व्यवस्था को एकीकृत और बेहतर बनाने के लिए बिहार में पहले इस्तेमाल हो रहे NIC और SAP बिलिंग सॉफ्टवेयर की जगह अब Revenue Management System (RMS) लागू किया गया है। नई व्यवस्था लागू होने के दौरान कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं, जिन्हें दूर करने की प्रक्रिया जारी रही।

इसी तकनीकी समस्या के कारण जून और जुलाई 2026 में 125 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले कुछ शहरी घरेलू उपभोक्ताओं के बिल में फिक्स्ड चार्ज का समायोजन नहीं हो पाया था। विभाग के अनुसार, इस अवधि में किसी उपभोक्ता का बिजली कनेक्शन केवल इस वजह से नहीं काटा गया।

तकनीकी समस्या दूर होने के बाद जून-जुलाई की लंबित फिक्स्ड चार्ज राशि को अगस्त 2026 के बिजली बिल में एकमुश्त समायोजित किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह राशि निर्धारित टैरिफ के अनुसार ही है और इसमें कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया गया है।

9.48 लाख उपभोक्ताओं पर हुआ समायोजन

राज्य में करीब 95 लाख उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें 9,48,652 उपभोक्ताओं के मामले में जून और जुलाई की लंबित फिक्स्ड चार्ज राशि करीब 54.95 करोड़ रुपये थी।

इस पूरी राशि का अगस्त 2026 में उपभोक्ताओं के प्री-पेड बैलेंस से समायोजन किया गया है। एकमुश्त कटौती की जानकारी उपभोक्ताओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS के माध्यम से भी दी जा रही है।

बिजली विभाग ने बताया कि उपभोक्ताओं के बिल में इस कटौती का अलग-अलग विवरण उपलब्ध रहेगा। यदि किसी उपभोक्ता को बिल या फिक्स्ड चार्ज की कटौती को लेकर किसी तरह की आपत्ति या शिकायत है, तो वह टोल-फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर जानकारी और समाधान प्राप्त कर सकता है।

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