अपने से कमजोर मनुष्य की सेवा ही मानव एकता है - के.सी.मेहरोत्रा
संगम ने अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस पर गोष्ठी का आयोजन किया
अंतर्राष्ट्रीय मानव एकता दिवस पर सागर भक्ति संगम के तत्वाधान में स्थानीय स्वर्ण जयंती पार्क में विचार गोष्ठी काआयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सदस्यों ने एक दूसरे का हाथ थाम कर मानव एकता का संकल्प लिया। गोष्ठी की अध्यक्षता शिक्षाविद के.सी.मेहरोत्रा एवं संचालन ब्रजनंदन प्रसाद ने किया।
अध्यक्षता करते हुए के.सी.मेहरोत्रा ने कहा कि अपने से कमजोर मनुष्य की सेवा ही सच्चे अर्थों में मानव एकता है। सभी धर्मों का सार यह है कि हम सभी एक ही ईश्वर संतान है। इसलिए आपस में सभी भाई-भाई हैं।
विजय केसरी ने कहा कि परमपिता परमेश्वर ने हम सबों को एक ही माटी से निर्मित किया है। यह इस बात की ओर इशारा करता है कि हम सभी मनुष्य आपस में एक दूसरे से गहरे रूप से जुड़े हुए हैं।
शिक्षाविद ब्रजनंदन प्रसाद ने कहा कि ईश्वर ने पृथ्वी को इस तरह गढ़ा है कि एक देश दूसरे देश की जरूरतों को पूरा करें और मिलजुल कर विश्व मानव कल्याण के लिए अग्रसर रहे।
समाजसेवी संजय खत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय विश्व मानव एकता दिवस हम सबों को यह एहसास कराता है। याद दिलाता है कि विश्व में रहने वाले सभी मानव एक हैं।
आयोजित कार्यक्रम में उषा सहाय, गोपी कृष्ण सहाय, मिथुन राणा, अखिलेश सिंह, अजीत प्रसाद, प्रदीप प्रसाद, सुरेश मिस्त्री शंभू शरण सिन्हा, अशोक प्रसाद, सतीश होर्रा, इंद्र सोनी, सुरेंद्र कुमार गुप्ता पप्पू, डॉ. वीणा अखौरी आदि सम्मिलित हुए। धन्यवाद ज्ञापन संजय खत्री ने किया।