'पहले इंसाफ फिर मुआवजा और सरकारी नौकरी पर सोचेंगे', भरत तिवारी की मां बोलीं- हत्यारों को फांसी हो
ARA : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को ऐलान किया था कि पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भोजपुर के भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी दी जाएगी लेकिन लगता नहीं है कि उनके परिजन इससे बहुत संतुष्ट हैं. उनकी मां ने साफ कर दिया कि पहले सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और फांसी सुनिश्चित हो. वहीं, भाभी ने कहा कि हमलोग पैसे लेकर बिकने वाले नहीं हैं.
पहले इंसाफ फिर मुआवजा
भरत तिवारी की मां आशा देवी ने कहा कि पहले उन लोगों की गिरफ्तारी होनी चाहिए, जो मेरे बेटे की हत्या में संलिप्त हैं. उन्होंने कहा कि सभी हत्यारों को फांसी की सजा मिलनी चाहिए. इसके बाद ही परिवार बैठकर सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता को लेकर आगे का निर्णय करेगा.
क्या बोलीं भाभी?
वहीं, भरत की भाभी सुमन तिवारी ने अभी तक को सिर्फ एक आरोपी गिरफ्तार हुआ है, जबकि घटना के दौरान कई बड़े अधिकारी मौजूद थे. लिहाजा सभी की गिरफ्तारी होनी चाहिए और उनको सजा मिलनी चाहिए. सुमन ने कहा कि हमलोग मुख्यमंत्री की घोषणा से खुश नहीं हैं. मेरे देवर को शहीद को दर्जा मिलना चाहिए और घटनास्थल पर स्मारक बनना चाहिए. हमलोग पैसे लेकर चुप बैठने वाले नहीं हैं. हमें इंसाफ मिलना चाहिए. साथ ही विस्थापितों के लिए भी उचित व्यवस्था की जाए.
गुरुवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल 'एक्स' पर पोस्ट कर सरकारी नौकरी और आर्थिक सहायता को लेकर ऐलान किया था. उन्होंने लिखा था, 'न्यायिक जांच के अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर बिहार सरकार द्वारा दिवंगत भरत तिवारी के परिवार को आर्थिक सहायता एवं एक परिजन को सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी.'
रिटायर्ड हाईकोर्ट जज की अध्यक्षता में जांच आयोग
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच आयोग का गठन किया था. अब आयोग की अंतरिम रिपोर्ट के आधार पर सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है. 17 जून 2026 को एनकाउंटर के नाम पर भरत की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
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