राहुल गांधी की भाषा पर भड़के संजय झा, बोले- ‘सार्वजनिक जीवन की मर्यादा भूल गए’, बिहार में इसे कहते हैं लफुआगिरी
PATNA : दिल्ली में आयोजित कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए. उन्होंने पीएम मोदी की विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं के साथ मुलाकातों का जिक्र करते हुए तंज भी किया था. राहुल गांधी की इस टिप्पणी के बाद BJP और JDU ने कांग्रेस नेता पर हमला बोला है. JDU के राज्यसभा सांसद संजय झा ने राहुल गांधी की भाषा को लेकर प्रतिक्रिया दी.
"सार्वजनिक जीवन की मर्यादा भूल गए"
संजय झा ने कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक जीवन की मर्यादा भूल गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने शालीनता की सीमा पार कर दी है. संजय झा ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में बोलते समय भाषा का ध्यान रखना चाहिए. उनके मुताबिक राहुल गांधी जिन विदेशी नेताओं को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं, वे दूसरे देशों के संवैधानिक पदों पर हैं.
‘बिहार में इसे लफुआगिरी कहते हैं’
संजय झा ने राहुल गांधी के बोलने के तरीके और हाव-भाव पर भी सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जिस तरह की भाषा और इशारों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उसे बिहार में लफुआगिरी कहा जाता है. उन्होंने कहा कि वह इस शब्द का इस्तेमाल नहीं करना चाहते लेकिन राहुल गांधी का व्यवहार उन्हें ऐसा कहने के लिए मजबूर करता है. संजय झा ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को अपनी भाषा और व्यवहार की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए.
विदेशी नेताओं पर टिप्पणी को लेकर भी सवाल
संजय झा ने कहा कि राहुल गांधी जिन लोगों का मजाक उड़ा रहे हैं, वे दूसरे देशों के संवैधानिक पदों पर बैठे हैं. भारत के उन देशों के साथ अच्छे और दोस्ताना संबंध हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे समय में विदेशी नेताओं को लेकर इस तरह की टिप्पणी करने से भारत की विदेश नीति और दूसरे देशों के साथ रिश्तों को लेकर गलत संदेश जा सकता है.
राहुल गांधी ने विदेश नीति पर क्या कहा
राहुल गांधी ने कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेश नीति पर सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा कि विदेश नीति का मतलब केवल दूसरे देशों के नेताओं से गले मिलना नहीं हो सकता. राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं और विदेशी नेताओं के साथ उनकी मुलाकातों का जिक्र किया. उन्होंने भारत और अमेरिका के रिश्तों को लेकर भी सवाल खड़े किए.
लोकतांत्रिक सरकार के लिए ऐसी भाषा ठीक नहीं
संजय झा ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकार के लिए इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करना सही नहीं है. उनके मुताबिक विपक्ष को सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने का अधिकार है, लेकिन भाषा और तरीके की मर्यादा भी जरूरी है.
राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद अब विदेश नीति का मुद्दा राजनीतिक बहस का नया केंद्र बन गया है. BJP और JDU के नेताओं के पलटवार से इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं.
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