'जिस कंपनी की पकड़ी जाएगी शराब अब उसपर भी होगी FIR', बिहार सरकार ने कर दिया साफ - 'कानून लागू है और रहेगा'
PATNA : बिहार में शराबबंदी को लेकर सियासत लगातार तेज हो रही है. हाल में सामने आई नेशनल काउंसिल ऑफ एप्लाइड इकोनॉमिक रिसर्च (NCAER) में शराबबंदी की व्यवस्था, सरकार के राजस्व नुकसान और शराबबंदी को लेकर किए जा रहे सरकारी दावों पर सवाल उठाए गए हैं. इसी बीच एनडीए के महत्वपूर्ण सहयोगी और केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने बिहार में शराबबंदी को गुजरात मॉडल की तर्ज पर लागू करने की बात कही है.
'शराबबंदी कानून में कोई संशोधन नहीं होगा'
इन चर्चाओं के बीच बिहार सरकार के मद्यनिषेध एवं उत्पाद मंत्री मदन सहनी ने स्पष्ट कर दिया है कि शराबबंदी कानून में किसी तरह का संशोधन नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी पहले से लागू है, अभी भी लागू है और आगे भी लागू रहेगी. विभाग समय-समय पर कानून और उसके प्रभाव की समीक्षा करता है, लेकिन फिलहाल संशोधन की कोई आवश्यकता नहीं है.
अब विदेशी शराब बनाने वाली कंपनी पर भी कार्रवाई
मदन सहनी ने शराबबंदी के मामले को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव की जानकारी दी. उन्होंने कहा कि दूसरे राज्यों से बिहार की सीमा पार कर आने वाली विदेशी शराब लगातार पकड़ी जा रही है. अब जिस कंपनी की विदेशी शराब बिहार में पकड़ी जाएगी, उस कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
'कंपनी के मालिक को बिहार लाकर कार्रवाई करेंगे'
मंत्री ने कहा कि विभाग ने पिछले महीने इस संबंध में निर्देश जारी किया है. उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई की शुरुआत भी हो चुकी है. पटना में एक ट्रक से विदेशी शराब पकड़े जाने के मामले में संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है. मंत्री ने कहा कि जरूरत पड़ने पर कंपनी के मालिक को भी बिहार लाकर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
पटना में ट्रक पकड़े जाने के बाद कंपनी पर कार्रवाई
मदन सहनी के मुताबिक पटना में दूसरे राज्य से शराब लेकर आया एक ट्रक पकड़ा गया था. इसके बाद विभाग ने केवल शराब की बरामदगी और ट्रक चालक तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय संबंधित कंपनी को भी कार्रवाई के दायरे में लिया है. सरकार का कहना है कि अब शराब के स्रोत तक पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी.
'बिहार में शराबबंदी पहले भी थी, आज भी है और आगे भी रहेगी'
मंत्री मदन सहनी ने सोशल मीडिया पर शराबबंदी में बदलाव से जुड़ी चल रही चर्चाओं को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की. उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी पहले से लागू है और आगे भी लागू रहेगी. फिलहाल सरकार की ओर से कानून में किसी तरह के संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं है.
'500 रुपये कमाने वाला आधा पैसा शराब में खर्च कर देता था'
मंत्री मदन सहनी ने कहा कि पहले रोजाना करीब 500 रुपये कमाने वाले कई लोग अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा शराब पर खर्च कर देते थे और घर लौटते समय उनके पास बहुत कम पैसा बचता था. उनके मुताबिक शराबबंदी के बाद ऐसे परिवारों की आर्थिक स्थिति में बदलाव देखने को मिला है.
'शराबबंदी पर अभी संशोधन की जरूरत नहीं'
मदन सहनी ने कहा कि विभाग स्तर पर शराबबंदी की समय-समय पर समीक्षा होती रहती है. पिछले महीने भी विभाग ने इसकी समीक्षा की है. उन्होंने कहा कि समीक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी और आंकड़े जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कराए जा सकते हैं. मंत्री ने दोहराया कि अभी कानून में बदलाव की आवश्यकता नहीं है.
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