ED की बड़ी रेड, करोड़ों के फर्जीवाड़े में म्यूजिक कंपनी के डायरेक्टर के घर छापेमारी
MUNGER : बिहार के मुंगेर जिले के जमालपुर में करोड़ों रुपये के कथित निवेश ठगी मामले में गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव के आवास पर आज सुबह छापेमारी की.
घेराबंदी कर सघन तलाशी
ईडी की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से जमालपुर थाना क्षेत्र के नया टोला फूलका स्थित जितेंद्र कुमार के आवास पहुंची और पूरे परिसर की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू किया. कार्रवाई की सूचना मिलते ही इलाके में लोगों की भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में दिनभर इस कार्रवाई की चर्चा होती रही.
डिजिटल उपकरणों की बारीकी से हुई जांच
ईडी की टीम मनी लॉन्ड्रिंग और संदिग्ध वित्तीय लेन-देन के पहलुओं की जांच कर रही है. छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, निवेश संबंधी कागजात, कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन सहित अन्य डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच की. इलेक्ट्रॉनिक डेटा को भी खंगाला गया ताकि निवेशकों से जुटाई गई राशि के लेन-देन और उसके उपयोग से जुड़े तथ्यों का पता लगाया जा सके.
प्राथमिक आरोपियों से भी घंटों पूछताछ
जानकारी के मुताबिक, इस मामले के प्राथमिक आरोपी जयधन तांती और प्रिया राजीव रंजन से भी ईडी अधिकारियों ने घंटों पूछताछ की. अधिकारियों ने कंपनी की वित्तीय गतिविधियों, निवेशकों से राशि जुटाने की प्रक्रिया तथा धन के प्रवाह से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की. हालांकि समाचार लिखे जाने तक ईडी की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था और जांच प्रक्रिया जारी थी.
लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराने का आरोप
जॉलीवुड म्यूजिक इंडस्ट्रीज प्राइवेट लिमिटेड पर चिटफंड की तर्ज पर लोगों से करोड़ों रुपये का निवेश कराने का आरोप है. आरोप है कि कंपनी ने निवेशकों को आकर्षक मुनाफे का झांसा देकर बड़ी संख्या में लोगों से धन जमा कराया, लेकिन बाद में अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया.
हिरासत में हैं कंपनी के निदेशक
18 नवंबर 2024 को कंपनी का कार्यालय बंद होने के बाद बड़ी संख्या में निवेशकों ने जमालपुर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी. शिकायत के आधार पर पुलिस ने कांड संख्या 224/24 दर्ज कर मामले की जांच शुरू की थी. पुलिस जांच के दौरान कंपनी के निदेशक जितेंद्र कुमार राजीव लंबे समय तक फरार रहे. बाद में उन्होंने मुंगेर न्यायालय में आत्मसमर्पण किया, जिसके बाद से वे न्यायिक हिरासत में हैं.
मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से ईडी कर रही जांच
अब इस पूरे मामले में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच तेज कर दी है. एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि निवेशकों से जुटाई गई राशि का उपयोग किन माध्यमों से किया गया और क्या धन को अन्य खातों या संपत्तियों में स्थानांतरित किया गया.
ठगी मामले में हो सकते हैं कई अहम खुलासे
सूत्रों का मानना है कि ईडी की यह कार्रवाई इस बहुचर्चित निवेश ठगी मामले में कई अहम खुलासों का आधार बन सकती है. जांच आगे बढ़ने के साथ कई अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ सकती है. फिलहाल ईडी की टीम दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच में जुटी हुई है तथा एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.
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