एक पैर से रिक्शा खींचकर परिवार पाल रहे संजय, बोले- भीख से बेहतर मेहनत की कमाई
हाजीपुर: हौसला हो तो मुश्किल से मुश्किल हालात भी इंसान की राह नहीं रोक सकते। हाजीपुर के संजय कुमार की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। बचपन से एक पैर से दिव्यांग संजय ने अपनी कमजोरी को कभी मजबूरी नहीं बनने दिया। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह एक पैर से रिक्शा चलाकर मेहनत की कमाई कर रहे हैं।
हाजीपुर:- हौसला हो तो मुश्किल से मुश्किल हालात भी इंसान की राह नहीं रोक सकते। हाजीपुर के संजय कुमार की कहानी इसी जज्बे की मिसाल है। बचपन से एक पैर से दिव्यांग संजय ने अपनी कमजोरी को कभी मजबूरी नहीं बनने दिया। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह एक पैर से रिक्शा चलाकर मेहनत की कमाई कर रहे हैं।
संजय रोज रिक्शा लेकर सोनपुर से हाजीपुर और हाजीपुर से सोनपुर के बीच सफर करते हैं। वह प्रतिदिन करीब 20 किलोमीटर तक रिक्शा चलाते हैं। सुबह घर से निकलने के बाद देर शाम तक सवारी ढोते हैं और इसी कमाई से अपने परिवार का पेट पालते हैं।
संजय का कहना है कि उनके लिए मेहनत ही सबसे बड़ा सहारा है। वह कहते हैं, "जिस दिन रिक्शा नहीं चलाऊंगा, उस दिन घर का चूल्हा नहीं जलेगा। भीख मांगने से अच्छा है कि मेहनत और ईमानदारी की कमाई से परिवार का पेट पालूं।"
संजय की जिंदगी संघर्ष और आत्मसम्मान की मिसाल है। शारीरिक चुनौती के बावजूद उन्होंने काम करने का रास्ता चुना और अपने परिवार की जिम्मेदारी खुद उठाई। उनका जज्बा उन लोगों के लिए भी प्रेरणा है, जो मुश्किल परिस्थितियों में जल्दी हार मान लेते हैं।
संजय की मेहनत देखकर स्थानीय लोग भी उनके हौसले को सलाम कर रहे हैं। उनकी कहानी यह संदेश देती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर इंसान अपने परिवार के लिए सम्मान के साथ जीवन जी सकता है।
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