भागलपुर के नवगछिया में बाढ़ का कहर: मदरौनी में 1500 घर डूबे, छतों और रेलवे पटरी पर रहने को मजबूर लोग
भागलपुर के नवगछिया में बाढ़ का कहर: मदरौनी में 1500 घर डूबे, छतों और रेलवे पटरी पर रहने को मजबूर लोगस्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, मदरौनी पंचायत में बाढ़ का पानी करीब 1500 से अधिक घरों में घुस चुका है। इससे 700 से ज्यादा परिवार सीधे प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भरने के कारण लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों, छतों और रेलवे ट्रैक के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं।
भागलपुर के नवगछिया में बाढ़ का कहर: मदरौनी में 1500 घर डूबे, छतों और रेलवे पटरी पर रहने को मजबूर लोगस्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, मदरौनी पंचायत में बाढ़ का पानी करीब 1500 से अधिक घरों में घुस चुका है। इससे 700 से ज्यादा परिवार सीधे प्रभावित बताए जा रहे हैं। कई घरों में 4 से 5 फीट तक पानी भरने के कारण लोग अपने घर छोड़कर ऊंचे स्थानों, छतों और रेलवे ट्रैक के किनारे शरण लेने को मजबूर हैं।
बाढ़ के पानी ने गांव के साथ-साथ खेतों को भी अपनी चपेट में ले लिया है। हजारों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूब गई है, जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है।
नाव ही बनी आवागमन का सहारा
बाढ़ के कारण सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बाजार, अस्पताल और स्कूल तक पहुंचना लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में आवागमन का प्रमुख साधन अब नाव ही रह गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ के कारण पीने के साफ पानी और भोजन की समस्या भी बढ़ती जा रही है। प्रभावित परिवारों को राहत और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।
11 साल से नहीं बना रिंग बांध
ग्रामीणों का आरोप है कि मदरौनी में बाढ़ की समस्या हर साल सामने आती है। करीब 11 वर्ष पहले यहां का रिंग बांध टूट गया था, लेकिन अब तक इसकी स्थायी मरम्मत नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बांध की समस्या के कारण मदरौनी के अलावा सहोड़ा, बनिया और साधुआ चापर पंचायत के लोग भी हर साल बाढ़ की चपेट में आते हैं। उनका दावा है कि इन इलाकों में दो लाख से अधिक लोग बाढ़ के खतरे से प्रभावित होते हैं।
इस्माइलपुर-राघोपुर में भी बढ़ा दबाव
उधर, इस्माइलपुर और राघोपुर इलाके में भी गंगा के जलस्तर में वृद्धि से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, गंगा कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। ब्रह्मोत्तर सहित कई तटबंधों पर पानी का दबाव बढ़ने से आसपास के इलाकों में भी बाढ़ का पानी पहुंच रहा है।
बताया जा रहा है कि इन इलाकों में करीब 200 और घरों में पानी घुस गया है।
ग्रामीणों ने बताई अपनी परेशानी
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों ने प्रशासन से राहत सामग्री, पीने का साफ पानी, नावों की संख्या बढ़ाने और सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाने की मांग की है। साथ ही लंबे समय से लंबित रिंग बांध की स्थायी मरम्मत कराने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
फिलहाल मदरौनी समेत आसपास के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की मुश्किलें बनी हुई हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द राहत और बचाव कार्य को तेज करेगा।
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