पत्रकार से मारपीट के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे पत्रकार, दोषियों पर कार्रवाई की मांग; आज निकलेगा विरोध मार्च

रांची: पत्रकार से कथित मारपीट की घटना को लेकर पत्रकारों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना के विरोध में पत्रकारों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि यदि मामले में जल्द और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

Sep 14, 2026 - 11:01
पत्रकार से मारपीट के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे पत्रकार, दोषियों पर कार्रवाई की मांग; आज निकलेगा विरोध मार्च

रांची:- पत्रकार के साथ मारपीट की घटना को लेकर पत्रकारों में भारी आक्रोश है। घटना के विरोध में बड़ी संख्या में पत्रकार एकजुट हो रहे हैं। पत्रकारों ने स्पष्ट किया है कि यदि मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसी मांग को लेकर कुछ देर बाद पत्रकारों की ओर से विरोध मार्च निकाला जाएगा।

पत्रकारों का कहना है कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में काम करने वाले मीडिया कर्मियों के साथ इस तरह की घटना बेहद गंभीर है। पत्रकारों को समाचार संकलन और जनहित के मुद्दों को सामने लाने के दौरान सुरक्षा का भरोसा मिलना चाहिए। ऐसे में पत्रकार के साथ मारपीट की घटना ने मीडिया जगत में चिंता और नाराजगी पैदा कर दी है।

कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी

घटना के बाद पत्रकारों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पत्रकारों का कहना है कि केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा, बल्कि मामले में ठोस कार्रवाई दिखाई देनी चाहिए।

पत्रकारों ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह की देरी होती है, तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर पत्रकार आगे भी धरना-प्रदर्शन और अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध दर्ज करा सकते हैं।

विरोध मार्च में शामिल होंगे पत्रकार

इसी क्रम में पत्रकारों ने विरोध मार्च निकालने का निर्णय लिया है। मार्च के दौरान पत्रकार घटना के खिलाफ आवाज उठाते हुए दोषियों पर कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा की मांग करेंगे। इस दौरान “पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करो” और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

पत्रकारों का कहना है कि मीडिया कर्मियों पर होने वाले हमलों को किसी भी स्थिति में सामान्य घटना नहीं माना जाना चाहिए। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं होंगे, तो वे स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से अपनी जिम्मेदारी कैसे निभा पाएंगे।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी नजर

घटना के बाद अब पत्रकारों के साथ-साथ आम लोगों की नजर भी प्रशासन की कार्रवाई पर है। पत्रकार संगठनों की मांग है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

विरोध मार्च के जरिए पत्रकार अपनी एकजुटता का संदेश देंगे और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करेंगे। अब देखना होगा कि पत्रकारों के विरोध और मांग के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

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