पत्तल बनी कैनवास, मधुरेंद्र ने उकेरे मोदी-जिनपिंग-पुतिन समेत BRICS नेताओं के चेहरे, 15 दिनों की मेहनत से तैयार अनोखी कलाकृति, गया जिला कानू समाज ने जताया गर्व; प्रकाश कुमार गुप्ता बोले—समाज का बेटा कला के क्षेत्र में छू रहा नई ऊंचाइयां
गयाजी। कला के लिए कैनवास का आकार नहीं, बल्कि कलाकार की कल्पना, हुनर और प्रयोगधर्मिता मायने रखती है। इसी सोच को अपनी कला में साकार करते हुए बिहार के चर्चित विश्व प्रसिद्ध रेत कलाकार मधुरेंद्र कुमार ने इस बार कला के क्षेत्र में एक अनोखा प्रयोग किया है। उन्होंने पारंपरिक कैनवास के बजाय भोज में भोजन परोसने के लिए इस्तेमाल होने वाली पत्तल को कला का माध्यम बनाया है। पत्तल पर उन्होंने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन (BRICS 2026) में शामिल होने वाले प्रमुख वैश्विक नेताओं के चेहरे उकेरे हैं।
*मोदी, जिनपिंग और पुतिन समेत कई वैश्विक नेताओं के चित्र*
सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र कुमार ने पत्तलों पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी, इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो सहित कई वैश्विक नेताओं के चित्र तैयार किए हैं। इन चित्रों को त्रिकोणीय रूप में सजाया गया है।
*‘वेलकम टू इंडिया–BRICS 2026’ से विश्व नेताओं का स्वागत*
कलाकृति के साथ “WELCOME TO INDIA – BRICS 2026” संदेश भी अंकित किया गया है। अलग-अलग पत्तलों पर नेताओं के चित्रों को फ्रेम की तरह सजाकर तैयार की गई यह रचना BRICS सम्मेलन में भारत आने वाले विश्व नेताओं के स्वागत को समर्पित है।
*15 दिनों की मेहनत से तैयार हुई कलाकृति*
मधुरेंद्र कुमार के अनुसार, इस विशेष कलाकृति को तैयार करने में करीब 15 दिनों का समय लगा। पत्तल की सतह सामान्य कैनवास की तुलना में अलग होने के कारण उस पर बारीक चित्रकारी करना आसान नहीं था। इसके बावजूद उन्होंने चेहरे की रूपरेखा, आंखों, बाल, दाढ़ी और भाव-भंगिमा जैसे सूक्ष्म विवरणों को उभारने का प्रयास किया।
मधुरेंद्र ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल विश्व नेताओं के चित्र बनाना नहीं, बल्कि कला के माध्यम से भारत की मेहमाननवाजी, शांति, संवाद और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का संदेश देना है।
*कभी रेत तो कभी पत्तल, प्रयोगों के लिए पहचाने जाते हैं मधुरेंद्र*
मधुरेंद्र कुमार की कला की खास पहचान उनके निरंतर प्रयोगों में दिखाई देती है। वह पारंपरिक कैनवास तक सीमित नहीं रहे हैं। रेत, मिट्टी, कोयले की राख, पीपल के पत्ते, फल और सब्जियों जैसे अलग-अलग माध्यमों पर भी वह कलाकृतियां तैयार करते रहे हैं।
भोज में इस्तेमाल होने वाली साधारण पत्तल को कैनवास बनाकर विश्व नेताओं के चित्र उकेरना उनके इसी प्रयोगधर्मी कला सफर की नई कड़ी है। उन्होंने अपनी बारीक चित्रकारी के जरिए रोजमर्रा की एक सामान्य वस्तु को भी कलात्मक रूप देने का प्रयास किया है।
*कला के जरिए दुनिया को दिया शांति और सहयोग का संदेश*
मधुरेंद्र कुमार का कहना है कि BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर दुनिया के अलग-अलग देशों के नेता एक साथ आते हैं। ऐसे में उन्होंने अपनी कलाकृति के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि देशों के बीच संवाद और सहयोग से वैश्विक समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा, “मैंने अपनी इस कलाकृति के जरिए दुनिया के तमाम नेताओं का भारत में स्वागत करने की कोशिश की है। मेरी कला का संदेश है कि दुनिया के सभी देश आपसी मतभेद भुलाकर एक साथ आएं। मिल-जुलकर ही हम शांति स्थापित कर सकते हैं और दुनिया की बड़ी चुनौतियों का समाधान निकाल सकते हैं।”
*मधुरेंद्र की उपलब्धि पर गया जिला कानू समाज को गर्व : प्रकाश कुमार गुप्ता*
गया जिला कानू समाज के नेता प्रकाश कुमार गुप्ता ने मधुरेंद्र कुमार की अनोखी कलाकृति की सराहना करते हुए कहा कि मधुरेंद्र ने कला के क्षेत्र में महारथ हासिल की है। उनकी प्रतिभा, मेहनत और लगातार किए जा रहे नए प्रयोगों से गया जिला कानू समाज गौरवान्वित है।
उन्होंने कहा कि यह पूरे कानू समाज के लिए गर्व की बात है कि समाज का बेटा अपनी कला और हुनर के दम पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। पत्तल जैसे साधारण माध्यम पर दुनिया के प्रमुख नेताओं के चित्र उकेरना मधुरेंद्र की रचनात्मक सोच, मेहनत और प्रतिभा का प्रमाण है।
प्रकाश कुमार गुप्ता ने कहा कि गया जिला कानू समाज की ओर से मधुरेंद्र कुमार को शुभकामनाएं हैं। समाज की कामना है कि वह इसी तरह अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए कला के क्षेत्र में सफलता के नए शिखर पर पहुंचें और देश-दुनिया में कानू समाज तथा बिहार का नाम रोशन करें।
*सोशल मीडिया पर आकर्षण का केंद्र बनी कलाकृति*
पत्तल पर बनाए गए विश्व नेताओं के चित्रों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। अलग-अलग देशों के नेताओं के चेहरे जहां इस कलाकृति का मुख्य आकर्षण हैं, वहीं भोज में इस्तेमाल होने वाली पत्तल को कला के माध्यम के रूप में इस्तेमाल करना इसे और खास बना रहा है।
मधुरेंद्र कुमार का यह प्रयोग यह संदेश भी देता है कि कला किसी एक माध्यम की मोहताज नहीं होती। कलाकार अपनी कल्पना और सृजनात्मकता से रोजमर्रा की साधारण वस्तु को भी कला का रूप दे सकता है।