बाली में 30वें इंटरनेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का आयोजन, रांची के डॉ. यूएस वर्मा को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

बाली/रांची। इंडोनेशिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाली में 30वें इंटरनेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कैंट होम्योपैथिक फार्मास्युटिकल संस्थान की ओर से आयोजित इस सेमिनार में भारत, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के करीब 85 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।

Sep 11, 2026 - 11:15
बाली में 30वें इंटरनेशनल होम्योपैथिक सेमिनार का आयोजन, रांची के डॉ. यूएस वर्मा को मिला लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड

बाली/रांची:- इंडोनेशिया के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल बाली में 30वें इंटरनेशनल होम्योपैथिक चिकित्सा सेमिनार का सफल आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध कैंट होम्योपैथिक फार्मास्युटिकल संस्थान की ओर से आयोजित इस सेमिनार में भारत, इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों के करीब 85 होम्योपैथिक चिकित्सकों ने हिस्सा लिया।

सेमिनार में चिकित्सकों ने होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति के माध्यम से जटिल एवं पुराने रोगों के अनुसंधान और उपचार से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता कैंट होम्योपैथिक फार्मास्युटिकल के प्रबंधक डॉ. सोमनाथ देव ने की। उन्होंने संस्थान द्वारा निर्मित होम्योपैथिक दवाओं की गुणवत्ता और उपचार में उनके उपयोग पर विस्तार से चर्चा की।

कार्यक्रम के दौरान रांची के डॉ. यूएस वर्मा को होम्योपैथिक चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया गया। डॉ. वर्मा बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची में करीब तीन दशक तक मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे कचहरी चौक के निकट डिप्टी पाड़ा स्थित यूएस पॉली क्लीनिक एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के निदेशक हैं।

डॉ. वर्मा ने एलोपैथिक और होम्योपैथिक दोनों चिकित्सा पद्धतियों में शिक्षा प्राप्त की है। सेमिनार में उन्होंने कहा कि आपातकालीन चिकित्सा और सर्जरी के क्षेत्र में एलोपैथिक चिकित्सा की महत्वपूर्ण भूमिका है, जबकि पुराने और जटिल रोगों के उपचार में होम्योपैथिक चिकित्सा के अनुभवों और शोध पर भी लगातार काम किया जा रहा है।

इस अवसर पर डॉ. वर्मा ने बिहार के गया से जुड़े डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. चंद्र शेखर, डॉ. अर्चना कुमारी और बाराचट्टी के डॉ. ब्रजेश कुमार को भी होम्योपैथिक चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए उत्कृष्ट चिकित्सक अवार्ड और शॉल देकर सम्मानित किया।

सेमिनार में भारत से डॉ. वीरेंद्र कुमार, डॉ. सिद्धार्थ गौरव, डॉ. संतन कुमार, डॉ. सुरभि कुमारी, डॉ. सोनी कुमारी, डॉ. संतोष कुमार, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. रौशन कुमार, डॉ. एसके वर्मा, डॉ. उपेंद्र कुमार और डॉ. अनंत कुमार सहित इंडोनेशिया तथा अन्य देशों के चिकित्सकों ने भाग लिया।

बताया गया कि डॉ. यूएस वर्मा को चिकित्सा क्षेत्र में योगदान के लिए झारखंड सेवा रत्न अवार्ड, राष्ट्रीय सेवा रत्न अवार्ड, विश्व चिकित्सा सेवा रत्न अवार्ड और मिलेनियम आइकन अवार्ड सहित कई सम्मान मिल चुके हैं।

बाली से वापसी के दौरान डॉ. वर्मा ने सिंगापुर और मलेशिया में भी होम्योपैथिक चिकित्सकों को चिकित्सा प्रणाली में नए शोध और रोग उपचार से जुड़े विषयों पर व्याख्यान दिया। इन कार्यक्रमों का आयोजन कैंट होम्योपैथिक फार्मास्युटिकल के सौजन्य से किया गया।

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