JPSC परीक्षा मामले में कोर्ट का बड़ा संशोधन, आदेश में टाइपिंग की गलती हुई दुरुस्त

रांची। सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 से जुड़े MCA-1818/2026 मामले में रांची के अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त-1 की अदालत ने 8 सितंबर 2026 को अपने पूर्व आदेश में हुई टाइपिंग की गलती को सुधार दिया है।

Sep 9, 2026 - 14:39
JPSC परीक्षा मामले में कोर्ट का बड़ा संशोधन, आदेश में टाइपिंग की गलती हुई दुरुस्त

रांची:- सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 से जुड़े MCA-1818/2026 मामले में रांची के अतिरिक्त न्यायिक आयुक्त-1 की अदालत ने 8 सितंबर 2026 को अपने पूर्व आदेश में हुई टाइपिंग की गलती को सुधार दिया है।

अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष ने आवेदन देकर बताया कि 5 सितंबर 2026 के आदेश के पैरा-9(i) में आरोपी अभय कुमार तिवारी के पिता का नाम गलत स्थान पर टाइप हो गया था। इससे आदेश को पढ़ने पर यह भ्रम पैदा हो रहा था कि आरोपी के पिता भी संबंधित परीक्षा में शामिल हुए थे।

अभियोजन पक्ष ने अदालत से पिता का नाम आरोपी के नाम के बाद सही स्थान पर दर्ज करने का अनुरोध किया। रिकॉर्ड और पूर्व आदेश की समीक्षा के बाद अदालत ने इसे अनजाने में हुई टाइपिंग की त्रुटि माना और पैरा-9(i) को संशोधित कर दिया।

संशोधित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय कुमार तिवारी, पिता श्री सुखदेव तिवारी, TDPL से जुड़े होने के बावजूद FRO (PT) परीक्षा-2024 में रोल नंबर 24400147 और ACF (PT) परीक्षा-2024 में रोल नंबर 24300086 के साथ शामिल हुए थे। दोनों परीक्षाएं JPSC द्वारा TDPL के माध्यम से आयोजित की गई थीं।

अदालत ने आदेश में इस स्थिति को सार्वजनिक परीक्षाओं में निष्पक्षता और ईमानदारी के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन बताया है।

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि 5 सितंबर 2026 के मूल आदेश के अन्य सभी पैराग्राफ यथावत रहेंगे। 8 सितंबर 2026 का संशोधित आदेश मूल आदेश के साथ पढ़ा जाएगा और उसका अभिन्न हिस्सा माना जाएगा।

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