लातेहार के जीराफूल चावल की बढ़ी मांग, गुरुग्राम तक पहुंची स्थानीय उपज
लातेहार: जिले के महुआडांड़ क्षेत्र में उत्पादित पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल अब स्थानीय बाजार से निकलकर प्रीमियम बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। नेतरहाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को जीराफूल चावल की खरीद के लिए 25 मीट्रिक टन का पहला ऑर्डर मिला है, जिसकी कुल कीमत ₹26.25 लाख है।
लातेहार: जिले के महुआडांड़ क्षेत्र में उत्पादित पारंपरिक और सुगंधित जीराफूल चावल अब स्थानीय बाजार से निकलकर प्रीमियम बाजार में अपनी पहचान बना रहा है। नेतरहाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड को जीराफूल चावल की खरीद के लिए 25 मीट्रिक टन का पहला ऑर्डर मिला है, जिसकी कुल कीमत ₹26.25 लाख है।
इस खरीद आदेश के तहत 1 और 2 किलोग्राम के कुल 16,250 पैकेट शामिल हैं। वहीं, 31 अगस्त 2026 को करीब 6.70 मीट्रिक टन जीराफूल चावल गुरुग्राम स्थित KISSAN SAY के वेयरहाउस के लिए भेजा गया। इससे लातेहार की स्थानीय उपज को बड़े और प्रीमियम बाजार तक पहुंच मिलने का रास्ता मजबूत हुआ है।
जीराफूल चावल अपनी खास खुशबू, महीन दाने, मुलायम बनावट और अलग स्वाद के लिए जाना जाता है। उपलब्ध परीक्षण रिपोर्ट में प्रति 100 ग्राम 8.96 ग्राम प्रोटीन और 57 का ग्लाइसेमिक इंडेक्स दर्ज किया गया है। कम वसा, संतृप्त वसा और सोडियम की मात्रा भी इसकी विशेषताओं में शामिल है।
महुआडांड़ में स्थापित राइस-कम-पीनट प्रोसेसिंग यूनिट इस पूरी प्रक्रिया में अहम भूमिका निभा रही है। इसका संचालन नेतरहाट फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड कर रही है और इससे करीब 1,500 किसान जुड़े हैं। JSLPS के सेतु सेल के सहयोग से किसानों की उपज को प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और बाजार से जोड़ने में मदद मिली है।
यह उपलब्धि लातेहार के किसानों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। साथ ही, यह पहल झारखंड के अन्य स्थानीय कृषि उत्पादों को भी बेहतर प्रसंस्करण और बाजार संपर्क के जरिए मूल्यवर्धित उत्पाद के रूप में स्थापित करने की संभावनाएं दिखाती है।
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