बाढ़ की मार के बाद आंधी-बारिश का कहर, कुर्सेला में बाढ़ पीड़ितों के तिरपाल उड़े; रातभर परेशान रहे परिवार
कटिहार/रितेश रंजन:- गंगा और कोसी के उफान से जूझ रहे कटिहार के कुर्सेला इलाके में बाढ़ पीड़ितों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। घरों से पलायन कर माल गोदाम और अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए परिवारों पर देर रात अचानक आई तेज आंधी और बारिश ने एक और आफत ला दी।
तेज हवा के झोंकों से कई बाढ़ पीड़ितों के तिरपाल और प्लास्टिक की चादरें उड़ गईं। खुले में रखा कपड़ा, बिस्तर, राशन और अन्य जरूरी सामान बारिश में भीग गया। अचानक बदले मौसम के बीच छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को लेकर लोग सुरक्षित जगह की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए।
बाढ़ के कारण पहले ही अपना घर-बार छोड़ चुके परिवारों के लिए यह रात बेहद मुश्किल भरी रही। लोगों का कहना है कि दिनभर बाढ़ के पानी से जूझने के बाद वे किसी तरह रात गुजारने की तैयारी कर रहे थे, लेकिन तेज आंधी और बारिश ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।
कई परिवारों को रातभर सुरक्षित ठिकाने की तलाश करनी पड़ी। बच्चों और सामान को बचाने के लिए लोग सेड और अन्य सुरक्षित स्थानों में रात गुजारने को मजबूर रहे।
बाढ़ पीड़ितों ने प्रशासन से मजबूत तिरपाल, सूखा राशन, कपड़े और सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराने की मांग की है। पीड़ित परिवारों का कहना है कि जब तक बाढ़ का पानी पूरी तरह नहीं उतरता, तब तक उन्हें सुरक्षित और पक्के आश्रय की जरूरत है, ताकि आंधी-बारिश के दौरान खुले आसमान के नीचे रात न गुजारनी पड़े।
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