मानवता ही विश्व बंधुत्व की आधारशिला : डॉ. अनूप पति तिवारी, स्वामी विवेकानंद के विचार आज भी प्रासंगिक, भाषण व प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने लिया भाग
गयाजी। राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई, गया कॉलेज एवं विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी, शाखा गया के संयुक्त तत्वावधान में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर “मानवता : विश्व बंधुत्व की आधारशिला” विषय पर भाषण एवं बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन गया कॉलेज के मुंशी प्रेमचंद सभागार में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन प्राचार्य प्रो. डॉ. सतीश सिंह चंद्र के दिशा-निर्देशन में हुआ।
कार्यक्रम में विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की बिहार एवं झारखंड की संरक्षिका श्रीमती सुमित्रा तथा गया नगर संचालिका श्रीमती वीना भदानी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
मुख्य वक्ता एवं दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. अनूप पति तिवारी ने स्वामी विवेकानंद के 1893 के शिकागो धर्म संसद में दिए ऐतिहासिक भाषण के प्रमुख बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विवेकानंद ने भारतीय संस्कृति की सहिष्णुता, सर्वधर्म समभाव, मानवता और विश्व बंधुत्व की भावना को वैश्विक मंच पर स्थापित किया। आज दुनिया संघर्ष, असमानता और विभाजनकारी प्रवृत्तियों से गुजर रही है, ऐसे समय में उनका मानवतावादी संदेश और भी अधिक प्रासंगिक है।
NSS कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. राजेश कुमार मिश्र ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का शिकागो संबोधन भारत की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को विश्व पटल पर नई पहचान देने वाला था। उनके विचार युवाओं को मानवता, सेवा, सहिष्णुता और वैश्विक एकता के लिए प्रेरित करते हैं।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों एवं NSS स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने मानवता, विश्व बंधुत्व, धार्मिक सहिष्णुता, सामाजिक समरसता और शांति जैसे विषयों पर अपने विचार रखे। बहुविकल्पीय प्रश्नोत्तरी के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान एवं जागरूकता का परीक्षण भी किया गया।
प्रतियोगिता में जैस्मीन कुमारी ने प्रथम, रिया सिंह ने द्वितीय तथा प्रगति ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्रथम तीन स्थान प्राप्त प्रतिभागियों को रेड क्रॉस सोसाइटी, गया के आगामी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि गया जिले के आईजी श्री कुमार वैभव द्वारा सम्मानित किया जाएगा।
कार्यक्रम की सफलता में NSS स्वयंसेवक आर्यन कुमार, सौरव कुमार, शिव शक्ति पाण्डे, हर्षवर्धन सहित अन्य स्वयंसेवकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में अतिथियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
उल्लेखनीय है कि 11 सितंबर को विश्व बंधुत्व दिवस के रूप में मनाया जाता है। यह दिवस स्वामी विवेकानंद के 11 सितंबर 1893 को शिकागो धर्म संसद में दिए ऐतिहासिक संबोधन की स्मृति में मनाया जाता है।