JSSC CGL चयनित अभ्यर्थियों का दर्द: बोले- जांच में दोषी मिले तो कार्रवाई हो, लेकिन बिना दोष साबित हुए नौकरी न छीनी जाए
रांची: JSSC CGL परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच चयनित अभ्यर्थियों ने रांची प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा में सफल हुए हैं, लेकिन अब उन पर पैसे देकर नौकरी हासिल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
रांची:- JSSC CGL परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच चयनित अभ्यर्थियों ने रांची प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता कर अपनी बात रखी। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे मेहनत और वर्षों की तैयारी के बाद परीक्षा में सफल हुए हैं, लेकिन अब उन पर पैसे देकर नौकरी हासिल करने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
चयनित अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल भीड़ या आंदोलन के दबाव में पूरी परीक्षा रद्द करना या सभी चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी पर सवाल उठाना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी तरह की गड़बड़ी या पैसे के बल पर नौकरी हासिल नहीं की है।
अभ्यर्थियों ने कहा कि वे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से आते हैं। ऐसे में 35 से 40 लाख रुपये देकर नौकरी हासिल करने का आरोप उनके लिए पूरी तरह गलत है। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
दोषियों पर कार्रवाई हो, लेकिन निर्दोषों को सजा नहीं
प्रेस वार्ता में चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि CID पूरे मामले की जांच कर रही है और मामला अदालत के समक्ष भी है। ऐसे में जांच के आधार पर दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन बिना किसी अभ्यर्थी की व्यक्तिगत संलिप्तता साबित किए सभी चयनित अभ्यर्थियों की नौकरी रद्द करना न्यायसंगत नहीं होगा।
अभ्यर्थियों ने कहा कि इस विवाद का असर उनके परिवारों पर भी पड़ रहा है। कई चयनित अभ्यर्थियों ने नौकरी मिलने के बाद अपने पुराने रोजगार छोड़ दिए हैं और अब भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में हैं।
प्रेस वार्ता में भावुक हुए अभ्यर्थी
प्रेस वार्ता के दौरान कुछ चयनित अभ्यर्थी भावुक भी हो गए। एक अभ्यर्थी ने कहा कि उन पर 35 से 40 लाख रुपये देकर नौकरी हासिल करने का आरोप लगाया जा रहा है, जबकि वह आदिवासी और गरीब परिवार से आते हैं। उनकी मां घर पर रहती हैं और उनके परिवार के लिए इतनी बड़ी रकम जुटाना संभव ही नहीं है।
अभ्यर्थी ने बताया कि कोर्ट के फैसले के बाद उनकी नौकरी लगी थी। इससे पहले वह ITBP में कार्यरत थे और JSSC CGL में चयन होने के बाद उन्होंने ITBP की नौकरी छोड़ दी। अब अगर JSSC CGL की नौकरी भी चली जाती है, तो उनके सामने भविष्य को लेकर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
चयनित अभ्यर्थियों की मांग
चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार और संबंधित जांच एजेंसियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी ने परीक्षा में गड़बड़ी की है या पैसे देकर नौकरी हासिल की है, तो उसे किसी भी कीमत पर नहीं बचाया जाना चाहिए। लेकिन जिन अभ्यर्थियों का किसी तरह की अनियमितता से कोई संबंध नहीं है, उनकी नौकरी सिर्फ आरोपों या आंदोलन के दबाव में नहीं छीनी जानी चाहिए।
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