बोधगया मठ में विदेशी श्रद्धालुओं की शिव भक्ति, ताइवान-थाईलैंड के पर्यटकों ने किया रुद्राभिषेक
बोधगया: विश्व प्रसिद्ध बोधगया में रविवार को सनातन धर्म के प्रति विदेशी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला। बोधगया मठ परिसर में ताइवान और थाईलैंड से पहुंचे विदेशी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विदेशी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा में शामिल हुए।
बोधगया:- विश्व प्रसिद्ध बोधगया में रविवार को सनातन धर्म के प्रति विदेशी श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का अनोखा नजारा देखने को मिला। बोधगया मठ परिसर में ताइवान और थाईलैंड से पहुंचे विदेशी श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का विधि-विधान के साथ रुद्राभिषेक किया। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान विदेशी श्रद्धालु पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ पूजा में शामिल हुए।
रुद्राभिषेक के दौरान मठ परिसर में आध्यात्मिक और धार्मिक वातावरण बना रहा। ऋषिकेश से आए ब्राह्मणों तथा साधु-संतों की मौजूदगी में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना कराई गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का अभिषेक किया। इसके बाद भगवान शिव की आरती भी की गई, जिसमें विदेशी श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ हिस्सा लिया।
पितरों की आत्मा की शांति के लिए करते हैं पूजा
बोधगया मठ के व्यवस्थापक स्वामी सच्चिदानंद गिरी ने बताया कि ताइवान से आने वाले कई विदेशी श्रद्धालु हर वर्ष बोधगया पहुंचते हैं। इन श्रद्धालुओं की भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में विशेष रुचि है। वे अपने पितरों की आत्मा की शांति के लिए हिंदू और बौद्ध, दोनों परंपराओं के अनुसार धार्मिक अनुष्ठान करते हैं।
उन्होंने बताया कि बोधगया आने वाले विदेशी श्रद्धालु यहां केवल पर्यटन के उद्देश्य से नहीं आते, बल्कि धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी सक्रिय रूप से हिस्सा लेते हैं। पूजा-पाठ, मंत्रोच्चार और आरती के दौरान उनकी श्रद्धा और उत्साह देखने लायक रहता है।
छह दिवसीय विशेष पूजा कार्यक्रम
स्वामी सच्चिदानंद गिरी के अनुसार बोधगया मठ में छह दिनों तक चलने वाला विशेष पूजा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। रविवार को इस धार्मिक आयोजन का पांचवां दिन था। पांचवें दिन भगवान शिव के रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया, जिसमें ताइवान और थाईलैंड से आए श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
रुद्राभिषेक के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान शिव की आराधना की और धार्मिक अनुष्ठान में अपनी भागीदारी निभाई। पूजा के बाद आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान मठ परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं के बीच विशेष उत्साह देखने को मिला।
सनातन परंपराओं के प्रति बढ़ रहा आकर्षण
स्वामी सच्चिदानंद गिरी ने कहा कि विदेशी श्रद्धालुओं के बीच सनातन धर्म और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। कई विदेशी श्रद्धालु भारतीय धार्मिक परंपराओं को करीब से समझने और उनमें भाग लेने के लिए बोधगया सहित देश के विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा करते हैं।
बोधगया पहले से ही बौद्ध धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विश्वभर में प्रसिद्ध है। ऐसे में यहां हिंदू और बौद्ध दोनों परंपराओं से जुड़े धार्मिक आयोजनों में विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सोमवार को होगा अंतिम आयोजन
छह दिवसीय विशेष पूजा कार्यक्रम का अंतिम दिन सोमवार को होगा। मठ प्रबंधन के अनुसार अंतिम दिन भी विशेष धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में शामिल विदेशी श्रद्धालुओं की भागीदारी से बोधगया मठ में आध्यात्मिक माहौल बना हुआ है।
विदेशी श्रद्धालुओं द्वारा भगवान शिव का रुद्राभिषेक और आरती में हिस्सा लेना यह दर्शाता है कि बोधगया की पहचान केवल बौद्ध धर्म के प्रमुख केंद्र के रूप में ही नहीं, बल्कि विभिन्न धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं के संगम स्थल के रूप में भी मजबूत हो रही है।
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