SIR को लेकर झारखंड कांग्रेस का आंदोलन, 28 सितंबर को सभी जिलों में प्रदर्शन का ऐलान

रांची: विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर झारखंड कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि 28 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस ने मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। 28 सितंबर के राज्यव्यापी कार्यक्रम की जानकारी हालिया रिपोर्टों में भी सामने आई है।

Sep 27, 2026 - 21:08
SIR को लेकर झारखंड कांग्रेस का आंदोलन, 28 सितंबर को सभी जिलों में प्रदर्शन का ऐलान

रांची:- विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और निर्वाचन आयोग की कार्यशैली को लेकर झारखंड कांग्रेस ने आंदोलन का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने बताया कि 28 सितंबर को राज्य के सभी जिलों में निर्वाचन आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। कांग्रेस ने मतदाता सूची की प्रक्रिया में पारदर्शिता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। 28 सितंबर के राज्यव्यापी कार्यक्रम की जानकारी हालिया रिपोर्टों में भी सामने आई है। 

केशव महतो कमलेश ने कहा कि प्रदेश प्रभारी के. राजू ने सभी जिला अध्यक्षों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक कर आंदोलन की तैयारियों की समीक्षा की है। कांग्रेस के मुताबिक, रांची में धुर्वा स्थित केंद्रीय निर्वाचन आयोग के कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया जाएगा। पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले दहन की भी घोषणा की है।

वहीं, कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए नए नियम लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसका असर SC, ST, अल्पसंख्यक और सरकार के विरोध में मतदान करने वाले लोगों पर पड़ सकता है। ये कांग्रेस के आरोप हैं; इन दावों को निर्वाचन आयोग की स्वतंत्र पुष्टि के बिना तथ्य के रूप में नहीं माना जा सकता।

प्रदीप यादव ने नए मतदाताओं के लिए फॉर्म-6 की प्रक्रिया और SIR के तहत मांगे जा रहे दस्तावेजों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने निर्वाचन आयोग से प्रक्रिया को लेकर स्पष्टता और जवाबदेही तय करने की मांग की।

गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार झारखंड में SIR के तहत ड्राफ्ट मतदाता सूची 5 अगस्त को प्रकाशित हुई थी। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया की समयसीमा बाद में बढ़ाई गई और अंतिम संशोधित मतदाता सूची 19 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जानी है। 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पारदर्शिता सुनिश्चित करने और हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा करने की जरूरत है।

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