51 लाख श्रद्धालुओं की सेवा करने वाले कर्मयोगियों को नगर निगम ने किया सम्मानित
पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 की सफलता में सफाई योद्धाओं, स्वयंसेवी संस्थाओं, पुलिस, चिकित्सकों और मीडियाकर्मियों का रहा अहम योगदान; सोना लौटाने वाले दो सफाईकर्मियों को 5100-5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि
गयाजी। विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 के सफल आयोजन के बाद गया नगर निगम की ओर से बुधवार को हरिदास सेमिनरी के सभागार में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में देश-विदेश से आए 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सेवा में दिन-रात जुटे सफाई योद्धाओं, नगर निगम कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, गैर-सरकारी संगठनों, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड, पंडा समाज, पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, रेलकर्मियों, मीडियाकर्मियों और समाजसेवियों को सम्मानित किया गया। 90 से अधिक संगठनों और समाजसेवियों सहित विभिन्न सेवा समूहों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र और अंगवस्त्र देकर उनके सेवा भाव, मेहनत और समर्पण की सराहना की गई। वहीं, तीर्थयात्री का खोया सोना लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश करने वाले सफाईकर्मी जितेंद्र मांझी और राजेश कुमार को 5100-5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मेयर डॉ. वीरेंद्र कुमार उर्फ गणेश पासवान ने की, जबकि मंच संचालन नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सदस्य सह पूर्व उपमहापौर अखौरी ओंकार नाथ उर्फ मोहन श्रीवास्तव ने किया। समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। मेयर ने अतिथियों का गुलदस्ता और शॉल देकर स्वागत किया। इस अवसर पर उपमहापौर चिंता देवी, नगर आयुक्त डॉ. गगन कुमार, उप विकास आयुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक अभिनव कुमार, अपर समाहर्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी, समाजसेवी शिव कैलाश डालमिया, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष प्रमोद भदानी, कौशलेंद्र प्रताप, हरि प्रपन्ना, अनूप केडिया सहित पार्षदगण और नगर निगम के कर्मचारी उपस्थित रहे। सेवा और समर्पण के लिए सम्मानित हुए कर्मयोगी पितृपक्ष मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाने वाले सफाईकर्मियों, नगर निगम कर्मियों, स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, समाजसेवियों, पंडा समाज, पुलिसकर्मियों, चिकित्सकों, रेलकर्मियों, मीडियाकर्मियों और स्काउट एंड गाइड के सदस्यों को सम्मानित किया गया। समारोह में पुष्पवर्षा कर सेवा योद्धाओं का उत्साह बढ़ाया गया। कार्यक्रम के समापन के बाद सभी के लिए सामूहिक भोज की व्यवस्था भी की गई। मेयर डॉ. गणेश पासवान ने कहा कि पितृपक्ष मेला महासंगम को सफल बनाने में नगर निगम, जिला प्रशासन और समाज के हर वर्ग का योगदान सराहनीय रहा है। सबसे महत्वपूर्ण भूमिका नगर निगम के सफाई योद्धाओं और कर्मचारियों की रही, जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर शहर को स्वच्छ बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई। वहीं, समाजसेवियों और स्वयंसेवी संस्थाओं ने निःशुल्क चिकित्सा शिविर, भोजन, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराकर श्रद्धालुओं की सेवा की। उन्होंने कहा कि नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, पार्षदों, मीडिया प्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सामूहिक सहयोग से ही इतने बड़े धार्मिक आयोजन को सफल बनाया जा सका। 51 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सेवा करना गयाजी के लिए गौरव की बात है। इस सफलता के वास्तविक हकदार वे सभी लोग हैं, जिन्होंने सेवा भाव से अपनी जिम्मेदारी निभाई। सोना लौटाकर पेश की ईमानदारी की मिसाल, मिले 5100-5100 रुपये सम्मान समारोह का विशेष आकर्षण वे सफाईकर्मी रहे, जिन्होंने तीर्थयात्री का खोया सोना सुरक्षित लौटाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की। नगर निगम की ओर से जितेंद्र मांझी और राजेश कुमार को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। मेयर ने दोनों को 5100-5100 रुपये की प्रोत्साहन राशि, प्रशस्ति पत्र और शॉल प्रदान किया। मेयर ने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत, ईमानदारी और समर्पण ही किसी भी बड़े आयोजन की सफलता का आधार है। जितेंद्र मांझी और राजेश कुमार ने अपने कार्यों से नगर निगम का मान बढ़ाया है। ऐसे कर्मियों को सम्मानित करने से अन्य कर्मचारियों को भी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम करने की प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने कहा कि नगर निगम अपने कर्मचारियों के बेहतर कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए हमेशा तत्पर है। आगामी दशहरा, दीपावली और छठ पर्व के दौरान भी कर्मचारियों से इसी उत्साह, जिम्मेदारी और सेवाभाव के साथ काम करने की अपेक्षा है। सड़कों की मरम्मत से लेकर रोशनी तक की बेहतर व्यवस्था नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति के सदस्य मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि पितृपक्ष मेले की तैयारियां कई महीने पहले से शुरू कर दी गई थीं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शहर की सड़कों और गलियों की मरम्मत, नालियों की सफाई, क्षतिग्रस्त ढक्कनों को बदलने, पेयजल और जलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने सहित कई कार्य कराए गए। मेला क्षेत्र में स्वच्छता और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने बताया कि ध्वनि एवं प्रकाश कार्यक्रम के माध्यम से गयाजी की धार्मिक और ऐतिहासिक महत्ता को देश-दुनिया तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। विष्णुपद मंदिर के सामने भगवान विष्णु के चरण का अष्टधातु निर्मित चित्र लेने का विशेष स्थल भी स्थापित किया गया, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। मेले के दौरान विभिन्न विभागों ने आपसी समन्वय के साथ काम किया, जिसका सकारात्मक परिणाम देखने को मिला। मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि नगर निगम का यह सम्मान समारोह उन सभी लोगों के योगदान को समर्पित है, जिन्होंने अपनी मेहनत, ईमानदारी और सेवाभाव से पितृपक्ष मेला महासंगम-2026 को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह ने यह संदेश दिया कि किसी भी बड़े धार्मिक आयोजन की सफलता केवल व्यवस्थाओं पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसमें समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी, सहयोग और समर्पण सबसे महत्वपूर्ण होता है।
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