लाइसेंस फीस में रियायत दे सरकार, अन्यथा नहीं खुलेंगे बार : रंजन कुमार

Oct 31, 2020 - 11:15
लाइसेंस फीस में रियायत दे सरकार, अन्यथा नहीं खुलेंगे बार : रंजन कुमार

रांची। झारखंड बार एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने राज्य सरकार से लाइसेंस फी में छह माह की रियायत देने की मांग की है। इस संबंध में एसोसिएशन की ओर से सरकार से अनुरोध किया गया है। एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि छह माह का लाइसेंस फीस माफ नहीं किया गया तो बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसायी अपना प्रतिष्ठान बंद रखेंगे। इस संबंध में शनिवार को कांके रोड स्थित हॉट लिप्स में आयोजित प्रेसवार्ता में झारखंड बार एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष रंजन कुमार ने कहा कि सिर्फ पांच महीने के लिए नौ लाख रुपए नवीनीकरण के एवज में वसूले जाने का सरकारी आदेश अनुचित है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फरमान बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसायियों को परेशान करने वाला है। पिछले मार्च महीने के आखिरी सप्ताह से राज्य के बार व्यवसाय कोरोना महामारी के कारण बंद पड़े हैं। इस वैश्विक महामारी से वैसे तो हर व्यवसाय जगत प्रभावित हुआ है, लेकिन सबसे ज्यादा असर होटल, बार और रेस्त्रां व्यवसाय पर पड़ा है। पिछले सात महीने से बार व्यवसाय बंद होने से इस व्यवसाय से जुड़े कई लोग बेरोजगार हो गए हैं। व्यवसायी इन सात महीनो में एक पैसे नहीं कमाए, पर खर्च लगातार होते रहे। कर्मचारियों को वेतन, बिजली का फिक्स्ड खर्च, जगह का किराया के अलावा उनके लाखों रुपये के बीयर एवं ब्रीजर एक्सपायर हो गए हैं, जिससे व्यवसायियों को काफी हानि पहुंची है। उन्होंने कहा कि अन्य प्रकार के व्यवसाय दो से तीन महीने पहले से राज्य में शुरू हो चुके हैं, वहीं, बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसायियों को एक नवंबर से अपना प्रतिष्ठान खोलने का सरकार द्वारा आदेश निर्गत किया गया है।
एसोसिएशन के महासचिव अनित सिंह ने कहा कि उत्पाद विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष के आगामी शेष बचे पांच महीनों के लाइंसेंस फी हेतु पूरा पैसा जमा करने का प्रारूप तैयार किया है, इससे संबंधित आदेश भी जारी कर दी गई है, जो न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसाय के बंद होने से पहले से ही हम सभी परेशान हैं और अब यह आदेश हमारे लिए एक अलग परेशानी का सबब बन गया है। अभी यदि बार व्यवसायी 9 लाख रूपये जमा करते हैं, तो फिर सिर्फ चार महीनों बाद, मार्च 2021 में अगले वित्तीय वर्ष के लाइसेंस फीस के रूप में फिर से 9 लाख रुपए जमा करने होंगे। इससे बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों के समक्ष आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि बाजार अभी मंदा है और व्यवसायिक आवागमन भी पूरी तरह शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बार खोलने को लेकर उत्पाद विभाग के कमिश्नर से जब एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई थी, उस समय भी आश्वासन मिला था कि बंद अवधि का पैसा (फी) नहीं लगेगा, सिर्फ बाकी बचे महीनों की ही फीस जमा करने होंगे। लेकिन विभाग द्वारा पूरे साल भर का लाइसेंस फीस जमा करने का नया फरमान जारी कर दिया गया। उन्होंने कहा कि हम सभी आशान्वित थे कि राज्य सरकार बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसायियों की परेशानियों को देखते हुए इस संबंध में उचित फैसला लेगी और राहत देगी, लेकिन ऐसा नहीं कर उत्पाद विभाग की ओर से पूरे साल भर का लाइसेंस भी जमा करने का आदेश जारी कर दिया गया। सरकार का यह कदम अनुचित है। एसोसिएशन ने विभाग और सरकार दोनों से आग्रह किया है कि बार एंड रेस्टोरेंट व्यवसायियों की परेशानियों को देखते हुए लाइसेंस फी में रियायत दी जाए, ताकि राज्य के व्यवसायी फिर से अपने व्यवसाय को खड़ा कर सकें और इससे जुड़े हजारों लोगों का जीविकोपार्जन हो सके। प्रेस वार्ता में एसोसिएशन के संरक्षक गुरुचरण सिंह, विजय वर्मा, सदस्य संजीव सिन्हा, रामाशंकर प्रसाद, वीरेंद्र प्रसाद, निशांत कुमार, कुणाल, कमल नागपाल, प्रदीप कुशवाहा, विक्रम यादव, उमेश सिन्हा, अंजन प्रसाद सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्यगण मौजूद थे।

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