बोड़ेया के मदनमोहन मंदिर में भक्ति और संस्कृति का संगम, राज्यपाल ने किया ‘श्री मदनमोहन स्वामी स्तुति’ का लोकार्पण
रांची: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बोड़ेया स्थित श्री मदनमोहन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
रांची: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बोड़ेया स्थित श्री मदनमोहन मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल ने पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। उन्होंने कहा कि यह मंदिर धार्मिक आस्था के साथ-साथ झारखंड की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।
राज्यपाल ने मंदिर की ऐतिहासिकता का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 1665 ई. में निर्मित यह मंदिर अपने शिलालेखों और ताम्रपत्रों के कारण विशेष महत्व रखता है। ऐसी ऐतिहासिक धरोहरें लोगों को अपनी जड़ों, परंपराओं और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ती हैं।
उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके उपदेशों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए कहा कि श्रीकृष्ण हमें कठिन परिस्थितियों में सत्य, धर्म, विवेक और कर्तव्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देते हैं। श्रीमद्भगवद्गीता में दिया गया निष्काम कर्म और आत्मविश्वास का संदेश आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है।
इस अवसर पर राज्यपाल ने ‘श्री मदनमोहन स्वामी स्तुति’ का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक पुस्तक या स्तुति का प्रकाशन नहीं, बल्कि भक्ति, आस्था और परंपरा को शब्दों के माध्यम से आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास है।
राज्यपाल ने युवाओं से अपनी ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झारखंड प्राकृतिक संपदा के साथ-साथ समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत की भूमि है, जिसके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी सभी की है।
कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे एवं सुदर्शन भगत, पूर्व सांसद रबीन्द्र कुमार पांडेय एवं समीर उरांव सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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