बिहार में जब्त स्कॉर्पियो की नीलामी में कथित गड़बड़ी, EOU ने तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक को किया गिरफ्तार
पटना: बिहार में जब्त वाहनों की नीलामी में कथित अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई तेज कर दी है। गोपालगंज में शराब के साथ जब्त की गई स्कॉर्पियो की नीलामी से जुड़े मामले में EOU ने तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक सुनील कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 13 अक्टूबर 2026 को की गई। सुनील कुमार सिंह वर्तमान में गया में पदस्थापित थे। जांच एजेंसी अब इस मामले में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
पटना: बिहार में जब्त वाहनों की नीलामी में कथित अनियमितताओं को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने कार्रवाई तेज कर दी है। गोपालगंज में शराब के साथ जब्त की गई स्कॉर्पियो की नीलामी से जुड़े मामले में EOU ने तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक सुनील कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी 13 अक्टूबर 2026 को की गई। सुनील कुमार सिंह वर्तमान में गया में पदस्थापित थे। जांच एजेंसी अब इस मामले में अन्य संबंधित लोगों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।
2025 में दर्ज हुआ था मामला
बिहार पुलिस मुख्यालय की आर्थिक अपराध इकाई की ओर से 14 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इस मामले में EOU कांड संख्या 42/2025 दर्ज है। प्राथमिकी रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र के खरहारी गांव निवासी राधेश्याम सिंह की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। मामले में भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं और बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है।
शराब के साथ जब्त हुई थी स्कॉर्पियो
पूरा मामला गोपालगंज जिले के सिधवलिया थाना क्षेत्र में 19 जून 2020 को हुई कार्रवाई से जुड़ा है। उस दौरान 340 लीटर शराब के साथ स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया था। वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर BR06PD9070 बताया गया है। बाद में वाहन की नीलामी की प्रक्रिया के दौरान कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठे।
इंजन और चेसिस नंबर को लेकर उठे सवाल
जांच के दौरान वाहन के इंजन और चेसिस नंबर के आधार पर उसके रजिस्ट्रेशन से संबंधित विसंगतियां सामने आईं। आरोप है कि नीलामी के समय वाहन के वास्तविक इंजन और चेसिस नंबर का उल्लेख किए बिना उसका मूल्यांकन किया गया। इसी पहलू को ध्यान में रखते हुए जांच एजेंसी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच कर रही है।
पहले भी दो आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में EOU पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। तत्कालीन डाटा एंट्री ऑपरेटर हैदर अली को 14 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, तत्कालीन अनुसंधानकर्ता राजेंद्र राम को 8 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। अब तत्कालीन मोटरयान निरीक्षक सुनील कुमार सिंह की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच और तेज होने की संभावना है।
अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी
EOU के मुताबिक, जब्त वाहन की नीलामी से जुड़े पूरे घटनाक्रम की गहन जांच की जा रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन के दस्तावेजों, इंजन और चेसिस नंबर के सत्यापन तथा नीलामी प्रक्रिया में किन लोगों की क्या भूमिका रही। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Angry
0
Sad
0
Wow
0







