बिहार पुलिस की डिजिटल व्यवस्था पर सवाल, CCTNS में जमुई-गया आगे तो पटना का प्रदर्शन असंतोषजनक

पटना: बिहार में पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में कई कमियां सामने आई हैं। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) पर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने में लापरवाही और निगरानी की कमी को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, ऑनलाइन प्राथमिकी, आरोप-पत्र और अंतिम रिपोर्ट अपलोड करने के मामले में जमुई और गया जैसे जिलों का प्रदर्शन बेहतर बताया गया है। इसके विपरीत पटना का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया।

Oct 13, 2026 - 16:17
बिहार पुलिस की डिजिटल व्यवस्था पर सवाल, CCTNS में जमुई-गया आगे तो पटना का प्रदर्शन असंतोषजनक

पटना: बिहार में पुलिस की डिजिटल कार्यप्रणाली को लेकर पुलिस मुख्यालय की समीक्षा में कई कमियां सामने आई हैं। क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) पर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने में लापरवाही और निगरानी की कमी को लेकर अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं, ऑनलाइन प्राथमिकी, आरोप-पत्र और अंतिम रिपोर्ट अपलोड करने के मामले में जमुई और गया जैसे जिलों का प्रदर्शन बेहतर बताया गया है। इसके विपरीत पटना का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया गया।

CCTNS पर दस्तावेज अपलोड करने में लापरवाही उजागर

पुलिस मुख्यालय की समीक्षा के अनुसार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO), सर्किल इंस्पेक्टर, थानाध्यक्षों और अनुसंधान पदाधिकारियों के स्तर पर CCTNS के प्रभावी इस्तेमाल में कमी देखी गई है। आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड नहीं होने से पुलिस के कामकाज और मामलों की डिजिटल निगरानी प्रभावित हो रही है।

समीक्षा में यह भी सामने आया कि सर्किल इंस्पेक्टर और पर्यवेक्षी पदाधिकारियों के कार्यालयों में कई जरूरी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। इसका असर वर्ष 2023 से अब तक दस्तावेज अपलोड करने की प्रक्रिया पर पड़ा है। थानाध्यक्षों की ओर से अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मियों के कार्यों की नियमित निगरानी नहीं किए जाने पर भी चिंता जताई गई है।

लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश

पुलिस मुख्यालय ने अनुसंधान पदाधिकारी से लेकर डीएसपी रैंक तक के लापरवाह अधिकारियों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने की आवश्यकता बताई है। इसके अलावा एसएसपी और एसपी कार्यालयों की अपराध शाखाओं के अधिकारियों की अनुसंधान प्रक्रिया में सीमित भागीदारी पर भी सवाल उठाए गए हैं।

क्षेत्रीय अधिकारियों को CCTNS से जुड़े कामकाज में तेजी लाने और हर महीने की प्रगति रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य डिजिटल रिकॉर्ड को दुरुस्त करना और पुलिस के कामकाज में जवाबदेही बढ़ाना है।

ऑनलाइन चार्जशीट अपलोड करने में जमुई-गया आगे

जनवरी से सितंबर 2026 तक की समीक्षा रिपोर्ट के मुताबिक, प्राथमिकी, आरोप-पत्र और अंतिम रिपोर्ट अपलोड करने के मामले में जमुई, गया, शेखपुरा, बेगूसराय और पूर्णिया शीर्ष पांच जिलों में शामिल हैं।

वहीं, रेल मुजफ्फरपुर, रेल जमालपुर, किशनगंज, शिवहर और सारण का प्रदर्शन सबसे खराब बताया गया है। राजधानी पटना में भी CCTNS पर दस्तावेज अपलोड करने की स्थिति संतोषजनक नहीं पाई गई।

मामलों के निष्पादन में हुआ सुधार

समीक्षा रिपोर्ट में स्टेशन डायरी, आरोप-पत्र और अंतिम रिपोर्ट अपलोड करने की प्रक्रिया में हाल के महीनों में सुधार दर्ज किए जाने की बात कही गई है। निर्धारित 60 से 90 दिनों के भीतर मामलों के निष्पादन में भी वृद्धि हुई है।

हालांकि, पुलिस मुख्यालय का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल, दस्तावेजों के समय पर अपलोड और अधिकारियों की नियमित निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है।

डिजिटल पुलिसिंग को प्रभावी बनाने पर जोर

CCTNS पुलिस व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से अपराध से संबंधित रिकॉर्ड और जरूरी दस्तावेजों का ऑनलाइन प्रबंधन किया जाता है। ऐसे में दस्तावेजों को समय पर अपलोड करना और उनकी नियमित निगरानी करना जरूरी है।

पुलिस मुख्यालय की समीक्षा के बाद अब संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने और डिजिटल कार्यप्रणाली में सुधार पर जोर दिया जा रहा है। आने वाले समय में मासिक प्रगति रिपोर्ट और निगरानी व्यवस्था के जरिए जिलों के प्रदर्शन में सुधार लाने की कोशिश की जाएगी।

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