रांची में अपराधियों की अब बनेगी डिजिटल कुंडली, गैंग मैपिंग से संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी नजर

रांची। राजधानी रांची में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने निगरानी और प्रोफाइलिंग की नई रणनीति तैयार की है। वरीय पुलिस अधीक्षक रांची की पहल पर अपराधियों की प्रोफाइलिंग, गैंग की मैपिंग और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

Sep 16, 2026 - 18:13
रांची में अपराधियों की अब बनेगी डिजिटल कुंडली, गैंग मैपिंग से संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस की कड़ी नजर

रांची:-राजधानी रांची में अपराध एवं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने निगरानी और प्रोफाइलिंग की नई रणनीति तैयार की है। वरीय पुलिस अधीक्षक रांची की पहल पर अपराधियों की प्रोफाइलिंग, गैंग की मैपिंग और संदिग्ध गतिविधियों की लगातार निगरानी को लेकर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण, अपर पुलिस अधीक्षक कोतवाली, सभी पुलिस उपाधीक्षक और थाना प्रभारी शामिल हुए। अधिकारियों को अपराध की रोकथाम के लिए सक्रिय अपराधियों के साथ-साथ ऐसे लोगों की भी पहचान करने का निर्देश दिया गया, जिनकी गतिविधियों से भविष्य में अपराध की आशंका हो सकती है।

पुराने और सक्रिय अपराधियों की होगी प्रोफाइलिंग

पुलिस पिछले 10 से 15 वर्षों के दौरान अपराध की दुनिया में सक्रिय रहे अपराधकर्मियों और गैंग को चिह्नित करेगी। ऐसे अपराधी जो फिलहाल सक्रिय नहीं हैं, लेकिन उनकी आपराधिक पृष्ठभूमि को देखते हुए दोबारा अपराध में शामिल होने की संभावना है, उनकी सूची तैयार की जाएगी। पुलिस इनके बारे में उपलब्ध जानकारी को अपडेट करने के साथ समय-समय पर सत्यापन और निगरानी करेगी।

इसके अलावा वर्तमान में सक्रिय अपराधियों और गंभीर एवं संगठित अपराध से जुड़े लोगों की भी विस्तृत प्रोफाइल तैयार की जाएगी। इसमें रंगदारी, हत्या, मारपीट, मादक पदार्थों के कारोबार, छेड़खानी, भू-माफिया, अवैध शराब, चोरी, जुआ-मटका सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त लोगों को चिह्नित किया जाएगा।

अपराध की ओर बढ़ रहे युवाओं पर भी नजर

पुलिस की रणनीति में युवा वर्ग भी शामिल है। ऐसे युवाओं और समूहों को चिह्नित किया जाएगा, जिनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का कारण बन रही हैं या जिनमें आपराधिक गतिविधियों की ओर बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।

इसमें हुड़दंगई, दबंगई, मारपीट, छेड़खानी, बाइकर्स गैंग की गतिविधियों, कॉलेज और शिक्षण संस्थानों के आसपास युवतियों से अभद्र व्यवहार जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों पर नजर रखी जाएगी। इसके अलावा आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट, एडिटेड वीडियो बनाने या प्रसारित करने और अन्य उपद्रवी गतिविधियों को भी निगरानी के दायरे में रखा जाएगा।

BCR में व्यवस्थित रूप से दर्ज होगी जानकारी

चिह्नित व्यक्तियों की जानकारी संबंधित थाना के Bad Character Register (BCR) के संदर्भ में व्यवस्थित रूप से संधारित की जाएगी। आवश्यकता के अनुसार इनका सत्यापन और निगरानी की जाएगी। पुलिस कानूनसम्मत प्रक्रिया के तहत सोशल मीडिया प्रोफाइल और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध गतिविधियों पर भी नजर रखेगी।

वरीय पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अपराध नियंत्रण केवल घटना होने के बाद कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए। संभावित अपराध और आपराधिक गतिविधियों की पहले से पहचान कर preventive policing को प्रभावी बनाया जाए।

थाना प्रभारियों और संबंधित अधिकारियों को चिह्नित अपराधियों एवं संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी प्रोफाइल को नियमित रूप से अपडेट और सत्यापित करने का निर्देश दिया गया है। किसी भी संभावित आपराधिक गतिविधि की सूचना मिलने पर तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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